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	<title>Comments on: ॐ जय गंगे माता : Ma Ganga Aarti</title>
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	<description>Bhajan, Kirtan, Mantras, Stotram, Stuti, Path, Vandana, Arti, Chalisa audio video of various Hindu Gods</description>
	<pubDate>Sat, 31 Jul 2010 19:23:18 +0000</pubDate>
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		<title>By: Himanshu Kumar Pant</title>
		<link>http://www.hindulive.com/2009-aum_jai_ganga_mata_arti_haridwar#comment-197</link>
		<dc:creator>Himanshu Kumar Pant</dc:creator>
		<pubDate>Mon, 16 Nov 2009 17:57:33 +0000</pubDate>
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		<description>आप सभी सम्मानित सज्जनों को मेरा प्रणाम &#124; आशा है आप कुशल होंगे &#124; बहुत लम्बे समय से मन मैं एक विचार को दबाये हुए था &#124; जाने कैसे आज अंतरात्मा ने जोर देकर कहा की अगर कर नहीं सकते हो तो कह तो सकते हो &#124; अगर तुम्हारे विचार मैं सच्चाई होगी तो कोई  न कोई तुम्हारा साथ जरूर देगा &#124;
मैं ग्राम पन्तगाँव जिला अल्मोड़ा  का निवासी हूँ &#124; स्वाभाव से सरल एवं व्यवसाय से इंजिनियर हूँ &#124; अभी-अभी इंजीनियरिंग की पढाई पूरी की है &#124;  दुनिया बहुत तो नहीं देखी है परन्तु  थोडा बहुत अनुभव हो गया है &#124; आज मैं जो भी हूँ जैसा भी हूँ उसमे मेरे  माता पिता,  पड़ोस, गाँव व क्षेत्र  के सभी लोगों का सहयोग रहा है &#124; स्कूल के लिए जिस रास्ते पर चला उसे कभी मैंने नहीं बनाया &#124; जिन पेडो के फल खाए वो मैंने नहीं लगाये थे &#124; जिस गाय या भेंस का दूध पिया उन्हें कभी पाला भी नहीं &#124; जिस पेड़ की लकडियों की आंच से मैंने अपने पेट की भूख को मिटाया होगा  कभी उन्हें सींचा तक नहीं &#124; अब जब मैं इस योग्य हो गया हूँ की उन सभी का कर्ज अदा कर सकूँ तो मुझे गाँव छोड़ना पड़ा &#124; क्योंकि गाँव रहकर  कंप्यूटर इंजीनियरिंग का कोई कम नहीं हो सकता या यह कहा जा सकता है वहां पर उतनी दक्षता से कार्य नहीं हो सकता &#124; 
मेरे गाँव के लोग बहुत सीधे हैं &#124; उनकी कोई अपेक्षा भी नहीं है &#124; पर वो इतने समृद्ध नहीं हैं कि अपनी छोटी छोटी इच्छाओं को पूरी कर पायें &#124; या तो तन या साथ या धन कि कमी सदैव उनके इच्छाओं मैं बाधा पहुंचाती है &#124; एक इच्छा जिसे मैं पूरी करना चाहता हूँ , वो है गंगा स्नान &#124; मेरे गाँव के वृद्ध, असहाय, गरीब लोग जब कभी भी किसी ईश्वरीय कार्य को पूर्ण करके आते हैं तो उनके अन्दर का खालीपन मुझे अन्दर तक झकझोर देता है &#124; उन्होंने सुना है कि गंगा स्नान से पाप धुल जाते हैं, कई के पूर्वजों का कल्याण हो जाता है &#124; परन्तु वो जाएँ भी तो कैसे ? 

जाने कितने सालों से मैं ये सोचता आया हूँ कि उन सभी अक्षम लोगो को गंगा स्नान कराऊंगा &#124; पर इस बार के कुम्भ ने मुझे बहुत बल दिया है &#124; क्योंकि यह मौका अब १२ साल बाद ही आएगा और मैं इसे चूकना नहीं चाहता &#124; मेरे पास इस कार्य के लिए केवल धन की कमी है &#124; जो आप सभी की सहायता से पूरी हो जाएगी &#124; 

महोदय यदि इस शुभ कार्य मैं आप मेरी किसी भी तरह की मदद कर सकते हैं तो मैं आपका आभारी रहूँगा &#124; मैं केवल धन की सहायता नहीं मांग रहा हूँ &#124; आप मुझे किसी ऐसी संस्था का नाम /पता बता दीजियेगा जो इस कार्य मैं मरी मदद कर सकती है &#124; या कोई ऐसा सुझाव  जो इस यात्रा को पूर्ण करने मैं मदद कर सके &#124;  मैं गंगा को अपने घर गाँव ले जाने मैं सक्षम तो नहीं हूँ पर गाँव के लोगों को गंगा तक ला सकता हूँ &#124;

वर्त्तमान में मैं कुल १००८ लोगों को कुम्भ स्नान करवाना चाहता हूँ, जिसमें ३०० महिलाएं व २०० पुरुष जो शारीरिक रूप से अक्षम हों (बहुत वृद्ध, अपंग)  &#124; २०० महिलाएं व २०० पुरुष  जो शारीरिक रूप से सक्षम हों पर आर्थिक रूप से कमजोर हैं &#124; १०८(पुरुष या स्त्री ) वो लोग जो शारीरिक रूप से पूर्ण समर्थ हों (जिनके पास या तो साथ या धन की कमी हो और गंगा स्नान की इच्छा रखते हों ) और इस कार्य मैं अपनी सेवा देना चाहते हों &#124;

यदि आप इस यात्रा मैं किसी भी प्रकार से सहयोग देना चाह रहे हैं तो कृपया मुझे itspant [at] gmail.com. पर संपर्क कीजियेगा &#124; खर्चे का पूर्ण विवरण आपको भेज दिया जायेगा &#124; 

आपके अनमोल समय के लिए आपका बहुत बहुत धन्यबाद

हिमांशु कुमार पन्त
ग्राम पन्तगाँव पोस्ट ऑफिस पन्तगाँव 
वाया चौनालिया जिला अल्मोड़ा 
उत्तराखंड (भारत)</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>आप सभी सम्मानित सज्जनों को मेरा प्रणाम | आशा है आप कुशल होंगे | बहुत लम्बे समय से मन मैं एक विचार को दबाये हुए था | जाने कैसे आज अंतरात्मा ने जोर देकर कहा की अगर कर नहीं सकते हो तो कह तो सकते हो | अगर तुम्हारे विचार मैं सच्चाई होगी तो कोई  न कोई तुम्हारा साथ जरूर देगा |<br />
मैं ग्राम पन्तगाँव जिला अल्मोड़ा  का निवासी हूँ | स्वाभाव से सरल एवं व्यवसाय से इंजिनियर हूँ | अभी-अभी इंजीनियरिंग की पढाई पूरी की है |  दुनिया बहुत तो नहीं देखी है परन्तु  थोडा बहुत अनुभव हो गया है | आज मैं जो भी हूँ जैसा भी हूँ उसमे मेरे  माता पिता,  पड़ोस, गाँव व क्षेत्र  के सभी लोगों का सहयोग रहा है | स्कूल के लिए जिस रास्ते पर चला उसे कभी मैंने नहीं बनाया | जिन पेडो के फल खाए वो मैंने नहीं लगाये थे | जिस गाय या भेंस का दूध पिया उन्हें कभी पाला भी नहीं | जिस पेड़ की लकडियों की आंच से मैंने अपने पेट की भूख को मिटाया होगा  कभी उन्हें सींचा तक नहीं | अब जब मैं इस योग्य हो गया हूँ की उन सभी का कर्ज अदा कर सकूँ तो मुझे गाँव छोड़ना पड़ा | क्योंकि गाँव रहकर  कंप्यूटर इंजीनियरिंग का कोई कम नहीं हो सकता या यह कहा जा सकता है वहां पर उतनी दक्षता से कार्य नहीं हो सकता |<br />
मेरे गाँव के लोग बहुत सीधे हैं | उनकी कोई अपेक्षा भी नहीं है | पर वो इतने समृद्ध नहीं हैं कि अपनी छोटी छोटी इच्छाओं को पूरी कर पायें | या तो तन या साथ या धन कि कमी सदैव उनके इच्छाओं मैं बाधा पहुंचाती है | एक इच्छा जिसे मैं पूरी करना चाहता हूँ , वो है गंगा स्नान | मेरे गाँव के वृद्ध, असहाय, गरीब लोग जब कभी भी किसी ईश्वरीय कार्य को पूर्ण करके आते हैं तो उनके अन्दर का खालीपन मुझे अन्दर तक झकझोर देता है | उन्होंने सुना है कि गंगा स्नान से पाप धुल जाते हैं, कई के पूर्वजों का कल्याण हो जाता है | परन्तु वो जाएँ भी तो कैसे ? </p>
<p>जाने कितने सालों से मैं ये सोचता आया हूँ कि उन सभी अक्षम लोगो को गंगा स्नान कराऊंगा | पर इस बार के कुम्भ ने मुझे बहुत बल दिया है | क्योंकि यह मौका अब १२ साल बाद ही आएगा और मैं इसे चूकना नहीं चाहता | मेरे पास इस कार्य के लिए केवल धन की कमी है | जो आप सभी की सहायता से पूरी हो जाएगी | </p>
<p>महोदय यदि इस शुभ कार्य मैं आप मेरी किसी भी तरह की मदद कर सकते हैं तो मैं आपका आभारी रहूँगा | मैं केवल धन की सहायता नहीं मांग रहा हूँ | आप मुझे किसी ऐसी संस्था का नाम /पता बता दीजियेगा जो इस कार्य मैं मरी मदद कर सकती है | या कोई ऐसा सुझाव  जो इस यात्रा को पूर्ण करने मैं मदद कर सके |  मैं गंगा को अपने घर गाँव ले जाने मैं सक्षम तो नहीं हूँ पर गाँव के लोगों को गंगा तक ला सकता हूँ |</p>
<p>वर्त्तमान में मैं कुल १००८ लोगों को कुम्भ स्नान करवाना चाहता हूँ, जिसमें ३०० महिलाएं व २०० पुरुष जो शारीरिक रूप से अक्षम हों (बहुत वृद्ध, अपंग)  | २०० महिलाएं व २०० पुरुष  जो शारीरिक रूप से सक्षम हों पर आर्थिक रूप से कमजोर हैं | १०८(पुरुष या स्त्री ) वो लोग जो शारीरिक रूप से पूर्ण समर्थ हों (जिनके पास या तो साथ या धन की कमी हो और गंगा स्नान की इच्छा रखते हों ) और इस कार्य मैं अपनी सेवा देना चाहते हों |</p>
<p>यदि आप इस यात्रा मैं किसी भी प्रकार से सहयोग देना चाह रहे हैं तो कृपया मुझे itspant [at] gmail.com. पर संपर्क कीजियेगा | खर्चे का पूर्ण विवरण आपको भेज दिया जायेगा | </p>
<p>आपके अनमोल समय के लिए आपका बहुत बहुत धन्यबाद</p>
<p>हिमांशु कुमार पन्त<br />
ग्राम पन्तगाँव पोस्ट ऑफिस पन्तगाँव<br />
वाया चौनालिया जिला अल्मोड़ा<br />
उत्तराखंड (भारत)</p>
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	<item>
		<title>By: ramahe</title>
		<link>http://www.hindulive.com/2009-aum_jai_ganga_mata_arti_haridwar#comment-129</link>
		<dc:creator>ramahe</dc:creator>
		<pubDate>Mon, 06 Jul 2009 14:03:32 +0000</pubDate>
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		<description>I just feel in INdia,even thougt i am in Colombia south america. I am colombian but i feel more indian . I have been 13 times in India</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>I just feel in INdia,even thougt i am in Colombia south america. I am colombian but i feel more indian . I have been 13 times in India</p>
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	<item>
		<title>By: adesh</title>
		<link>http://www.hindulive.com/2009-aum_jai_ganga_mata_arti_haridwar#comment-122</link>
		<dc:creator>adesh</dc:creator>
		<pubDate>Wed, 27 May 2009 15:56:39 +0000</pubDate>
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		<description>it's truly devotional.
ganga snan se sare paap mit jaate hai. jai mata di</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>it&#8217;s truly devotional.<br />
ganga snan se sare paap mit jaate hai. jai mata di</p>
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