उत्तराखंड पुलिस में अग्निवीरों को मिलेगी प्राथमिकता

मंगलवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अग्निपथ भर्ती योजना का ऐलान किया था, जिसके बाद यह सवाल उठने लगा कि आखिर चार साल बाद अग्निवीर बने 75 फीसदी युवाओं के पास क्या विकल्प होगा। सैन्य बहुल प्रदेश उत्तराखंड में भी सवाल लोगों के मन में उठने लगा है। हांलांकि सीएम धामी ने मंगलवार शाम तक यह घोषणा की है कि रिटायर्ड हुए अग्निवीरों को उत्तराखंड पुलिस भर्ती में प्राथमिकता दी जाएगी।

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मंगलवार को बलबीर रोड स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में सीएम पुष्कर धामी ने मीडिया से वार्ता करते हुए कहा कि भारतीय रक्षा व्यवस्था को लेकर पिछले कुछ सालों में बड़े-बड़े सुधार देखने को मिले हैं। केंद्र सरकार ने अग्निपथ योजना को लागू करने का जो निर्णय लिया, उससे देश के नौजवान 4 साल तक सेना में सेवा दे सकेंगे। इस योजना के तहत अग्निवीर तैयार किए जाएंगे, जिन्हें नई तकनीक से ट्रेंड किया जाएगा और देश को हाई स्किल आर्म फोर्स मिलेगी।

सीएम ने कहा कि अग्निपथ योजना के तहत  4 साल बाद रिटायर हुए अग्निवीरों को उत्तराखंड पुलिस भर्ती तथा अन्य सेवाओं में प्राथमिकता से अवसर देगी। सीएम धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने हमेशा देश के सैनिकों का मनोबल बढ़ाने का कार्य किया है। पीएम मोदी के कार्यकाल में सैनिकों की अनेक लंबित मांगों को स्वीकृति प्रदान की गई और आज भारत रक्षा के क्षेत्र में तेजी से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ा है।