उत्तराखंड विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद इस्तीफे का दौर जारी है। कांग्रेस के बड़े नेताओं के बाद अब गढ़वाल की उपेक्षा से नाराज़ चल रहे चमोली जिला कांग्रेस और प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्यों ने अपना सामूहिक इस्तीफा दिया है। इस्तीफा देने में 100 से अधिक लोग शामिल हैं।

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उत्तराखंड में राजनीतिक दल अभी तक गढ़वाल-कुमाऊं का सामंजस्य बिठाकर कर निर्णय लेते थे लेकिन यह पहली बार हुआ कि कांग्रेस ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष, नेता प्रतिपक्ष और उपनेता के पद पर कुमाऊं के तीन नेताओं को जिम्मेदारी सौंपी। ऐसे में कांग्रेस के शीर्ष संगठन पर गढ़वाल की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए चमोली जिला कांग्रेस और प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्यों ने अपना सामूहिक इस्तीफा दिया। चमोली जिला कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता विकास जुगरान ने मीडिया से वार्तालाप करते हुए बताया कि पार्टी आलाकमान ने गढ़वाल के कांग्रेस कार्यकर्ताओं की उपेक्षा की है।‌

उन्होंने कहा कि पार्टी आलाकमान द्वारा गढ़वाल की उपेक्षा से नाराज़ कांग्रेस के 100 से अधिक कार्यकर्ता इस्तीफा देने के लिए विवश हुए और प्रदेश अध्यक्ष के माध्यम से राष्ट्रीय अध्यक्ष को सामूहिक इस्तीफा भेजा है। जुगरान ने कहा कि पार्टी हाईकमान ने गढ़वाल क्षेत्र की उपेक्षा की है। नेता प्रतिपक्ष व प्रदेश अध्यक्ष के साथ ही नेता उप नेता सदन तीनों में से कोई भी पद गढ़वाल क्षेत्र को नहीं दिया, जबकि मोदी लहर के बावजूद भी गढ़वाल क्षेत्र से कई विधायक जीतकर आए हैं। जिन्होंने भाजपा के कद्दावर नेताओं को धूल चटाई है।