कॉमनवेल्थ गेम्स में बैडमिंटन खिलाड़ी लक्ष्य सेन ने जीता गोल्ड
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इंग्लैंड के बर्मिंघम में कॉमनवेल्थ गेम्स में आज आखिरी दिन उत्तराखंड के बैडमिंटन खिलाड़ी लक्ष्य सेन ने गोल्ड मेडल जीत लिया है। ‌फाइनल में उन्होंने मलेशिया के एंग जे योंग को 19-21, 21-9, 21-16 से हरा दिया।

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लक्ष्य सेन और जी योंग के के बीच फाइनल मुकाबला बेहद कांटे का रहा। शुरुआत से ही दोनों खिलाड़ी एक दूसरे को कड़ी टक्कर देते रहे। लक्ष्य सेन ने पहला गेम 19-21 से गंवा दिया था लेकिन फिर जोरदार वापसी करते हुए जी योंग को पछाड़ते हुए दूसरे सेट में 21-9 से वापसी की और तीसरा मुकाबला 21-16 से जीत कर कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड अपने नाम किया।

बता दें कि 20 वर्षीय लक्ष्य सेन का यह पहला कॉमनवेल्थ गेम्स है। फाइनल मुकाबले से पहले लक्ष्य दो बार जी योंग से भिड़ चुके थे और दोनों मुकाबलों में जीत हासिल की थी। बैडमिंटन के पुरुष सिंगल्स में लक्ष्य की यह दूसरा बड़ा पदक है। बीते वर्ष हुई वर्ल्ड चैंपियनशिप में लक्ष्य सेन ने ब्रॉन्ज मु अपने नाम कर चुके हैं। लक्ष्य सेन के शानदार खेल पर पूरा उत्तराखंड झूम उठा।

 

मूल रुप से उत्तराखंड के अल्मोड़ा जनपद के लक्ष्य सेन के दादा सी.एल. सेन को जनपद में बैडमिंटन का पितामह कहा जाता है। लक्ष्य के पिता डी.के. सेन नेशनल लेवल के बैडमिंटन खिलाड़ी तथा कोच भी रहे हैं। उनकी माता शिक्षक है और भाई चिराग सेन ने भी इंटरनेशनल स्तर पर बैडमिंटन खेला है। मात्र 4 वर्ष की उम्र से ही लक्ष्य स्टेडियम जाने लगे थे।