गंगोत्री विधानसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी सुरेश चौहान जीते

उत्तरकाशी की गंगोत्री विधानसभा सीट अपने आप में खास है, दरअसल इस सीट से यह मिथक जुड़ा हुआ है कि जिस पार्टी का उम्मीदवार यह से जीता, राज्य में सत्ता का ताज उसी पार्टी के सिर सजा। इस बार उत्तराखंड में पांच साल में सत्ता परिवर्तन का मिथक भी टूटा, लेकिन गंगोत्री का मिथक आज भी कायम है और गंगोत्री विधानसभा से भाजपा प्रत्याशी ने दो बार विधायक रह चुके कांग्रेस प्रत्याशी विजयपाल सजवाण को पटखनी देकर जीत दर्ज की। (Suresh Chauhan won Gangotri seat )

उत्तरकाशी की गंगोत्री सीट का मिथक उत्तर प्रदेश से चला आ रहा है। अपने मिथक के आलावा यह सीट इस बार इसलिए भी चर्चाओं में थी क्योंकि आम आदमी पार्टी के मुख्यमंत्री प्रत्याशी सेवानिवृत्त कर्नल अजय कोठियाल ने यहां से चुनाव लडा़। जिसके बाद यह सीट वीआईपी भी हो गई, लेकिन कर्नल अजय कोठियाल मतदाताओं का विश्वास जीतने में असफल रहे और मात्र 5000 हजार वोट ही पा सके।

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कांग्रेस से दो बार विधायक रहे विजयपाल सजवाण पर कांग्रेस ने भी इस बार दांव खेला, लेकिन मोदी लहर कै आगे वो नहीं टिक पाए। 2017 विधानसभा चुनाव में मोदी लहर में वह पूर्व विधायक गोपाल रावत ने उन्हें 9000 से अधिक वोटों से हराया था, लेकिन 2020 में कोरोना के कारण विधायक गोपाल सिंह रावत का निधन हो गया था, जिसके बाद यह सीट खाली हो गई थी।

Suresh Chauhan won Gangotri seat

पूर्व विधायक के निधन के बाद उनकी पत्नी शांति रावत, पूर्व ब्लॉक प्रमुख सुरेश चौहान, चंदन पंवार,पत्रकार लोकेंद्र बिष्ट भी दमदार दावेदारी जताई थी, लेकिन भाजपा ने इस बार नये चेहरे सुरेश चौहान पर दांव खेला। माना जा रहा था कि इस बार गंगोत्री सीट पर तीनों उम्मीदवारों के बीच खड़ा मुकाबला होगा, लेकिन पहले राउंड से ही भाजपा प्रत्याशी सुरेश चौहान ने बढ़त बना ली थी और फिर यह बढ़ती ही गई।

गंगोत्री विधानसभा की मतगणना के 15 राउंड तक बीजेपी प्रत्याशी सुरेश चौहान ने बढ़त बनाए रखी और दो बार विधायक रह चुके विजयपाल सजवाण को 7 हजार से अधिक वोटों से हराकर जीत दर्ज की।