लखनऊ। भ्रष्टाचार के खिलाफ योगी सरकार की जीरो टॉलरेंस की नीति है, मगर लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) Lucknow Development Authority में फैले भ्रष्टाचार पर सीएम योगी CM Yogi का बुलडोजर कब चलेगा यह बड़ा सवाल बना हुआ है।

जैसा कि पिछले दो दशक में एलडीए LDA की मामूली नौकरी modest job करने वाले कुछ बाबुओं की हैसियत अरबों में पहुंच गई है। इनमें से कई बाबू सेवानिवृत्त हो चुके हैं तो कुछ आज भी नौकरी में हैं। अपने रसूख और रूपयों के दम पर उन्हें हर बार मलाईदार कुर्सी creamy chair मिल जाती है। अपनी काली कमाई को इन बाबुओं ने लखनऊ समेत कई जिलों में संपत्ति खरीद कर खपा रखा है। कई बाबू तो बड़े-बड़े शो-रूम, पेट्रोल पंप और फैक्ट्रियों Showrooms, Petrol Pumps and Factories के मालिक भी हैं।

ताजा मामला एलडीए के संपत्ति विभाग से जुड़ा है, जहां तैनात एक बाबू के संबंध में एलडीए के उच्च अफसरों के पास शिकायत पहुंची थी कि उसने अपनी पत्नी के नाम बीस भूखंड खरीद रखे हैं। मामले की जांच के आदेश भी हो चुके हैं, मगर सूत्र बताते हैं कि इस मामले को दबाने की उच्च स्तरीय साजिश चल रही है। ऐसे में जांच पारदर्शिता से हो पाएगी, ऐसा कह पाना मुश्किल है।

कई शोरूम, पेट्रोल पंप व फैक्ट्रियों के मालिक हैं बाबू

बीते दिनों इस मामले में एक शिकायतकर्ता ने एलडीए के मुख्य अभियंता के पास संबंधित बाबू की पत्नी को आवंटित भूखंडों की सूची और कुछ दस्तावेज सौंपे थे। जिसके बाद मामले की जांच के आदेश दिए गए थे। वहीं, एलडीए से सेवानिवृत्त retired from LDA एक दूसरे अरबपति बाबू की बात करें तो उसने गोमतीनगर के पत्रकारपुरम चौराहे के पास करोड़ों का अवैध शो-रूम Illegal showroom worth crores बना रखा है।