उत्तराखंड: मुख्यमंत्री चेहरे पर संशय बरकरार, भाजपा के पास तीन-तीन विकल्प

उत्तराखंड का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा, सभी कि निगाहें इसी ओर टिकी हुई है। चार राज्यों में जीत के बाद जहां बीजेपी केन्द्रीय नेतृत्व ने गोवा, मणिपुर और उत्तर प्रदेश में विधायक मंडल दल के नेता का नाम तय कर दिया है, वहीं उत्तराखंड में मुख्यमंत्री चेहरे को लेकर संशय बरकरार है। यह स्थिति इसलिए भी उत्पन्न हुई क्योंकि सीएम के दावेदार माने जा रहे पुष्कर सिंह धामी अपनी खटीमा सीट से चुनाव हार गए। यह भी माना जा रहा है कि कई दिग्गज नेता मंत्रिमंडल में भी शामिल होने की जुगत लगा रहे हैं, ऐसे में यह देखना रोचक होगा कि सत्ता की कमान किसे सौंपी जाती है।

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राजनीतिक गलियारों में मुख्यमंत्री चेहरे को लेकर अलग-अलग चर्चाएं जोरों पर है। कोई पुष्कर धामी को ही मुख्यमंत्री बनाने की तो कोई विधायक दल के नेताओं में से ही सीएम होगा। उम्मीद लगाई जा रही थी कि बीजेपी केन्द्रीय नेतृत्व उत्तराखंड में मुख्यमंत्री चेहरे को लेकर स्थिति स्पष्ट करेगा, लेकिन फिलहाल अभी तक संशय बरकरार है और माना जा रहा कि होली के बाद ही यह संशय समाप्त हो सकेगा‌। दरअसल बीते पांच वर्षों में उत्तराखंड में भाजपा को तीन सीएम बदलने पड़े थे, जिसकी वजह से भाजपा की काफी किरकिरी हुई। ऐसे में आगे यह स्थिति उत्पन्न ना हो, इसपर केंद्रीय नेतृत्व गहनता से विचार कर रहा है।

उत्तराखंड मुख्यमंत्री पर संशय बरकरार

पूर्व सीएम पुष्कर सिंह धामी के चुनाव हारने के बाद करीब 6 विधायकों ने उनके लिए अपनी सीट छोड़ने की घोषणा की। ऐसे में केन्द्रीय आलाकमान पुष्कर सिंह धामी पर दुबारा विश्वास जता सकते हैं। वहीं दूसरे विकल्प के तौर पर 47 विधायकों मे से किसी विधायक को उत्तराखंड का अगला मुख्यमंत्री बना सकते हैं और तीसरा अन्य विकल्प के तौर पर किसी सांसद को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। ऐसे में अब यह देखना बहुत ही ज्यादा दिलचस्प होगा कि भाजपा हाईकमान धामी पर दोबारा भरोसा जताती है या किसी अन्य को उत्तराखंड की कमान सौंपती है।