अगर सरकार बनी तो बेरोजगारों को मिलेगा 5000 प्रती माह: हरीश रावत

उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2022 में कांग्रेस नेता अकील अहमद द्वारा उठाया गया मुस्लिम यूनिवर्सिटी का मुद्दा शांत नहीं हो रहा है। अब इस मामले को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत भाजपा नेताओं के खिलाफ कोर्ट जा सकते हैं।

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उत्तराखंड विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेसी नेता अकील अहमद के मुस्लिम यूनिवर्सिटी को लेकर दिए गए बयान से बवाल खड़ा हो गया था। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत शुरुआत से ही इस मुद्दे को भाजपा की साज़िश बताते हुए आरोप लगाया था कि चुनाव में भाजपा ने घबराहट के चलते मुस्लिम यूनिवर्सिटी शब्द को गढ़ा और झूठ का इस्तेमाल किया था। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि भाजपा नेताओं ने इस मुद्दे को लेकर उनके खिलाफ दुष्प्रचार किया और अब वह इस मामले में भाजपा नेताओं के खिलाफ कोर्ट में जा सकते हैं। उन्होंने इस संदर्भ में कभी कोई बयान नहीं दिया था।

14 जुलाई को गैरसैंण जाएंगे पूर्व सीएम

पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि उत्तराखंड सरकार के बड़े वादों में एक गैरसैण को ग्रीष्म कालीन राजधानी बनानी का था, पर इस घोषणा के बाद यह तीसरा ग्रीष्मकाल है जिसमें गैरसैंण में ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाना तो छोड़िये, मुख्यमंत्री जी ने एक रात वहां बिताना भी मुनासिब नहीं समझा है। सरकार का प्रतीक वहां कोई बैठता नहीं है, ना ही वहां मुख्य सचिव, प्रमुख सचिवगण गए हैं। राज्य की जनता का उसके मान सम्मान के प्रत्येक विधानसभा के पटल का इससे बड़ा क्या अपमान हो सकता है।

हरदा ने ट्वीट कर लिखा कि गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाने की घोषणा के बाद एक के बाद एक ग्रीष्मकाल बीत रहे हैं मगर सरकार उस घोषणा पर अमल करने के लिए तैयार नहीं है। सरकार लोगों से कह रहे हैं कि भूल जाओ, लेकिन मैंने भी तय किया है कि मैं सरकार को भूलने नहीं दूंगा और इनको याद दिलानै के लिए मैं 14 जुलाई, 2022 को गैरसैंण जाऊंगा, क्योंकि 15 तारीख के बाद फिर ग्रीष्म काल समाप्त हो जाएगा। सरकार के प्रतीक एक कार्यालय में सांकेतिक तालाबंदी कर उत्तराखंड के लोगों के आक्रोश को ध्वनि प्रदान करूंगा।