इस प्लेयर के नाम है Godfather Of Cricket का खिताब

क्रिकेट का क्रेज सदियों से रहा है। इस खेल ने कई दिग्गजों को जन्म दिया है। आज के इस आर्टिकल में जानेंगे कि Godfather of Cricket का टाइटल किसे दिया गया है। ध्यान हो एक दौर था जब सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) का नाम क्रिकेट जगत में छाया रहा। उन्हें क्रिकेट का भगवान (The god of cricket) भी कहा जाता है।

God of cricket का टाइटल अनेकों खिलाड़ियों के नाम रहा है। जिनमें मुख्यतः तीन खिलाड़ी हैं शामिल हैं। इस सूची में कैरी पैकर, भारतीय पूर्व क्रिकेटर सुनील गावस्कर और कैप्टन कूल के नाम से मशहूर महेंद्र सिंह धोनी का नाम आता है।

Godfather क्या होता है?

वे दिग्गज क्रिकेटर जिन्होंने अपनी टीम के लिए सबसे ज्यादा योगदान दिया हो अर्थात मैच जिताए हो। अक्सर हर मैच या टूर्नामेंट के बाद ‘मैन ऑफ द मैच’ चुना जाता है। यह वो खिलाड़ी होता है जिसने टीम में सबसे अच्छा प्रदर्शन किया हो। लेकिन Godfather of cricket का खिताब उसे दिया जाता है जिसने अपने पूरे क्रिकेट करियर में यह योगदान दिया हो।

कौन थे पहले ‘गाॅडफादर आफ क्रिकेट’ कैरी पैकर

आज हम में से कई ऐसे लोग हैं जो इस नाम को पहली बार सुन रहे हैं। कैरी पैकर एक आस्ट्रेलियाई खिलाड़ी हैं जो 1970 के दशक में जाना पहचाना नाम था। क्रिकेट जगत में उनके योगदान को आज भी याद किया जाता है। इनका पूरा नाम केरी फ्रांसिस बुलमोर पैकर है इन्होंने अपने क्रिकेट करियर में ना सिर्फ खेलकर बल्कि वर्ल्ड सीरीज़ क्रिकेट की स्थापना करके इतिहास रचा था। माना जाता है कि इन्होंने ही खिलाड़ियों के वेतन, डे-नाइट क्रिकेट टूर्नामेंट और पहली बार रंगीन जर्सी में क्रिकेट की शुरुआत की। यह एक कैरी पैकर एक बहुचर्चित आस्ट्रेलियाई मीडिया टाइकून भी हैं। इन्हीं कारणों से उन्हें क्रिकेट जगत का गाॅडफादर (Godfather of cricket) कहा गया है।

भारतीय क्रिकेटर सुनील गावस्कर को क्रिकेट गाॅडफादर का भी खिताब

सुनील गावस्कर एक जाना पहचाना नाम है। वह आज भी क्रिकेट से जुड़े हैं। अक्सर उन्हें कामेंटरी करते हुए सुना जाता है। उनके क्रिकेट में योगदान को कम ही लोग जानते हैं। वह 10 हजार से ज्यादा रन‌ बनाने वाले पहले खिलाड़ी हैं। टेस्ट क्रिकेट में उनसे बेहतरीन बल्लेबाज उस दशक में कोई नहीं था। उन्होंने अपने क्रिकेट करियर में कुल 125 टेस्ट मैच खेले हैं।

महेंद्र सिंह धोनी पर भी कर सकते विचार

एम एस धोनी के नाम क्रिकेट में कई उपाधियां हासिल हैं। उन्हें एक सफ़ल कप्तान भी माना जाता है क्योंकि 2011 में उनकी कप्तानी से भारत वर्ल्ड कप विश्व चैंपियन बिजेता बना था, इसके साथ ही दो साल बाद टी-20 में भी विश्व कप भारत के नाम करवाया था। उन्हें उनके फैंस कैप्टन कूल, द मैन, द मिथ, द माही और थाला के नाम से संबोधित करते हैं। हालांकि वह क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं लेकिन इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में फैंस को उनकी झलक देखने के लिए बैताब रहते हैं।

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This article was written by the Hindu Live editorial team.

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