जानिए भगवद गीता को आस्तिक विज्ञान क्यूं कहा गया है?

आइए जानते हैं आखिर क्यों भगवत गीता एक आस्तिक विज्ञान कहा गया है:- भगवद गीता एक बहुपठित धार्मिक पुस्तकों में से एक है। माना जाता है कि भगवत गीता में ना केवल अन्य शास्त्रों की सारी बातें मिलेंगी बल्कि अपितु ऐसी भी बातें मिलेंगी जो अन्य कहीं किसी भी शास्त्र में उपलब्ध नहीं है यह गीता का एक विशिष्ट मानदंड है।

भगवत गीता में कहा गया है कि यदि कोई मनुष्य गुरु-परंपरा व निजी स्वार्थ से प्रेरित हुए बिना भगवत गीता का अध्ययन करता है तो वह समस्त वैदिक ज्ञान तथा विश्व के समस्त शास्त्रों के अध्ययन को पीछे छोड़ देता है।

भगवत गीता में न केवल शास्त्रों की बातें मिलेंगे अभी तो ऐसी भी बातें मिलेंगी जो अन्यत्र कहीं उपलब्ध नहीं है। अतः यही गीता का एक विशिष्ट मानदंड है। यह साक्षात भगवान श्री कृष्ण के मुख से उच्चरित के कारण इसे पूर्ण आस्तिक विज्ञान कहा गया है।