बुधवार रात्रि को मणिपुर के नोनी जिले के तुपुल यार्ड रेलवे कंस्ट्रक्शन कैंप के निकट भारी भूस्खलन होने से प्रादेशिक सेना (टेरिटोरियल आर्मी) के सात जवानों सहित 14 लोगों की मौत हो गई है, जबकि कई लोग अभी भी लापता हैं।

मणिपुर में भूस्खलन से 14 की मौत

मणिपुर में आर्मी कैंप के पास भूस्खलन से 14 लोगों की मौत हो गई है। खराब मौसम के कारण राहत एवं बचाव कार्य में परेशानी हो रही है। मलबे में दबे प्रादेशिक सेना के 13 जवानों सहित पांच नागरिकों को बाहर निकाल लिया गया है। खराब मौसम के बीच असम राइफल और प्रदेशिक सेना राहत बचाव कार्य में जुटी हुई है। मलबे में लगभग 72 लोगों के फंसे होने की आशंका है, जिसमें प्रादेशिक सेना के 43 जवान शामिल हैं।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस घटना को लेकर मुख्यमंत्री एस बिरेन सिंह और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से बात की। केंद्रीय गृह मंत्री ने राहत बचाव कार्य के लिए घटनास्थल पर एनडीआरएफ की टीम में भेजी गई है। भूस्खलन के बाद मणिपुर सरकार एक्शन मोड में है मुख्यमंत्री एस बीरेन सिंह ने लैंडस्लाइड की जानकारी लेने के लिए आपातकालीन मीटिंग बुलाई है।

पीएम मोदी ने जताया दुख

पीएम नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को मणिपुर के सीएम एन बिरेन सिंह से फोन पर चर्चा की और राज्य के नोनी जिले में एक रेलवे निर्माण स्थल पर हुए भीषण भूस्खलन से उत्पन्न हुई स्थिति की समीक्षा की। पीएम मोदी ने ट्वीट करते हुए यह जानकारी दी। इस भीषण भूस्खलन में 7 लोगों की जा चली गई है, जबकि स्थानीय लोगों और सेना के जवानों सहित दर्जनों लोग लापता हो गए हैं।

पीएम मोदी ने कहा है कि, ‘मणिपुर के सीएम एन बिरेन सिंह से बात की और दुखद भूस्खलन से पैदा हुई स्थिति की समीक्षा की। उन्हें केंद्र सरकार से हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। मैं इससे प्रभावित सभी लोगों के सुरक्षित होने की कामना करता हूं। शोकाकुल परिवारों के साथ मेरी संवेदनाएं हैं। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।’