60 सालों में हड़पी 43 हजार वर्ग km जमीन, अब LAC से छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं:- पीएमओ

चीन-भारत विवाद: बीते शुक्रवार को प्रधानमंत्री द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक के बाद कांग्रेस सहित कई अन्य दलों ने आरोप लगाया था कि पीएम मोदी अपने ही स्टेंड को काट रहे हैं. भारत-चीन सीमा विवाद पर प्रधानमंत्री ने सभी पार्टियों की बातें सुनी तथा सभी देशवासियों को आश्वस्त किया कि भारत एक इंच जमीन पर भी घुसपैठ नहीं होने देगा.

साथ ही प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने सर्वदलीय बैठक में साफ कर दिया है कि वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर भारत किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेगा। पहले इस तरह की छेड़छाड़ को नजरंदाज किया जाता था.

सर्वदलीय बैठक में पीएम मोदी ने अपने बयान में साफ तौर पर कह दिया था कि कोई भी भारतीय क्षेत्र में नहीं घसा और ना ही किसी चौकी पर कब्जा किया गया था.

पिछले 60 सालों में हमने 43000 वर्ग km जमीन खोई है

पीएमओ ने कहा कि भारतीय क्षेत्र क्या है यह तो आधिकारिक नक्से में स्पष्ट है. जहां तक अवैध कब्जों का सवाल है पिछले 60 सालों में भारत ने अपनी 43 हजार वर्ग किलोमीटर जमीन खो दी है. इस जमीन को खोने में किसका हाथ है यह देश भली-भांति जानता है.

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“हमारी जांबाज सैना सीमाओं की रक्षा करने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी”

ये शब्द प्रधानमंत्री मोदी ने कहे कि जिन लोगों ने हमारी जमीन पर कब्जा करने की कोशिश की उन्हें हमारे वीर जवानों ने बड़ी बहादुरी से मुंहतोड़ जवाब दिया है. और ‘मैं आपको आश्वस्त करना चाहता हूं कि हमारी सेना सीमाओं की रक्षा करने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी’.

प्रधानमंत्री मोदी ने सर्वदलीय बैठक में कहा कि बीते वर्षों में देश ने अपनी सीमाओं को सुरक्षित करने के लिए, बॉर्डर एरिया में इंफ्रास्ट्रक्चर डवलपमेंट को प्राथमिकता दी है।हमारी सेनाओं की दूसरी आवश्यकताओं, जैसे फाइटर प्लेन, आधुनिक हेलीकॉप्टर, मिसाइल डिफेंस सिस्टम आदि पर भी हमने बल दिया है: