पृथ्वी पर आया एक बड़ा और संकट, ओजोन परत में हुआ बड़ा छेद, पहुंचा सकता है नुकसान

big hole in the ozone layer

हिन्दू लाइव डेस्क: पूरे विश्व इस वक्त कोरोनावायरस जैसी महामारी से जूझ रहा है, वहीं जानकारी मिली है कि उत्‍तरी ध्रुव पर आर्कटिक के ऊपर ओजोन परत में काफी बड़ा छेद हो गया है. इस पर वैज्ञानिकों का कहना है कि यह छेद करीब 10 लाख वर्ग किलोमीटर का है. फिर भी यह अंटार्कटिका के छेद से, बहुत छोटा है जो तीन-चार महीने में दो से ढाई करोड़ वर्ग किमी तक फैल जाता है.
वैज्ञानिकों का मानना है कि ओजोन परत में छेद होने का कारण वातावरण में हो रहा बदलाव है, इस वर्ष उत्तरी ध्रुव पर पिछले वर्ष के मुकाबले अधिक ठंड है जिससे इस ध्रुव पर ओजोन कम हो जाती
है. ओजोन परत में छेद होने के और भी कई कारण जैसे बहुत कम तापमान, सूर्य की किरणों का न पहुंचना, क्लोरोफ्लोरो कार्बन आदि.

वैज्ञानिकों ने कॉपरनिकस सेंटियल-5P (Copernicus Sentiel-5P) सैटेलाइट के आंकड़ों के आधार पर पाया कि आर्कटिक क्षेत्र के ऊपर ओजोन की मात्रा में बहुत ज्यादा कमी आई है. इससे वहां ओजोन परत में काफी बड़ा छेद हो गया है. पृथ्वी के वायुमंडल की स्ट्रैटोस्फेयर परत ( Stratosphere Layer) के निचले हिस्से में बड़ी मात्रा में ओजोन पाई जाती है. इसी को ओजोन लेयर कहते हैं.

Copernicus Sentiel-5P
File photo:- कॉपरनिकस सेंटियल-5P

यह परत पृथ्वी की सतह पर सूर्य से आने वाली हानिकारक अल्ट्रावॉयलेट किरणों (UV-Rays) से पृथ्‍वी काज् बचाव करती है जिससे पृथ्‍वी पर जीवन को लेकर कई समस्याएं हो सकती हैं. जब भी ओजोन परत में छेद की बात होती है तो उसका मतलब अंटार्कटिका के ऊपर ओजोन परत में छेद से होता है. यहां ओजोन की मात्रा प्रदूषण के कारण बहुत ही कम हो गई है, जिससे अल्ट्रावॉयलेट किरणें सीधे धरती की सतह पर आती हैं.