सीएम ने मजदूरों को भेजे थे 2900 रुपए, मिले सिर्फ 500 लोगों को, जांच के लिए रात में ही पहुंचे गए अधिकारी, दो लोग हिरासत में

न्यूज़ डेस्क, हिन्दू लाइव: कोरोना से बचाव के लिए शुरू लाकडाउन में मजदूरों के खाते में भेजे गए धन का बंदरबांट भी शुरू हो गया है. साथ ही प्रशासन ने जांच भी शुरू कर दी है. अभी तक इस तरह का मामला संतकबीर नगर जनपद में सामने आया है।शहर. यह जांच भाजपा विधायक की पहल पर शुरू की गई है. काेरोना वायरस से बचाव के लिए लाकडाउन चल रहा है. लाकडाउन में मजदूरों को भूखे पेट न सोना पड़े इसके लिए योगी सरकार ने सोमवार को मनरेगा मजदूरों के खाते में धन भेजा था, लेकिन संतकबीर नगर जनपद के मेंहदावल विकास खंड में आपदा के पैसे को भी हड़पने वाले सामने आ गए हैं. धन आते ही कुछ लोग धन की निकासी के लिए सक्रिय हो उठे और मजदूरों को कुछ पैसा देकर बाकि खुद हड़प लिया.

मामला सामने आते ही प्रशासन ने जांच शुरु कर दी और पुलिस ने इसमें कुछ लोगों को हिरासत में भी ले लिया है.

सोमवार की रात मेंहदावल विधायक राकेश सिंह बघेल को मेंहदावल विकास खंड के कुछ ग्रामीणों ने फोन से बताया कि देर रात में ग्राहक सेवा केंद्र से मनरेगा के धन की निकासी हो रही है। मजदूरों को कुछ पैसा देकर ग्राम पंचायत के कुछ जिम्मेदार लोग पूरा धन हड़प ले रहे हैं. विधायक ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम प्रेम प्रकाश अंजोर व प्रभारी एसओ बखिरा धमेंद्र सिंह को मौके पर जांच के लिए भेजा.

देर रात 11 बजे अधिकारियों ने जांच की तो शंकर ने बताया कि 2900 रुपये खाते में आए थे, लेकिन मुझे केवल 500 रुपये ही प्राप्त हुए हैं. इसी प्रकार भानमती पत्नी जमुना, हरिलाल पुत्र जगरुप, भग्गन, अशोक आदि ने भी बताया कि धन की निकासी के बाद रोजगार सेवक व संबंधित बैंक कर्मी द्वारा महज 500 रुपये ही दिए गए. आपदा के पैसे के बंदरबांट की पुष्टि होता देख बखिरा पुलिस ने दो लोगों को तुरंत हिरासत में ले लिया.

जांच रिपोर्ट मिलने के बाद होगी कार्रवाई