दिलबर नेगी शायद नाम याद होगा या नहीं, पर आज भी उसे न्याय नहीं मिला

हिन्दू लाइव डेस्क :- उत्तराखंड का युवक दिलबर नेगी जो अपनी तमाम उम्मीदें लेकर दिल्ली गया था, परंतु उसनेे कभी यह सोचा ना होगा, कि इस दिल्ली मेंं वह अपनी जान खो बैठेगा.

दिल्ली में हुए दंगों के दौरान दिलबर नेगी को जिंदा जलाया गया. प्राप्त जानकारी के अनुसार पहले उसके हाथ पांव काटे गए फिर उसके बाद उसे जिंदा जलाया गया. वह दिल्ली के एक मिठाई के दुकान में काम करता था. 24 फरवरी को दिल्ली में हुए दंगों मैं 20 साल के दिलवर नेगी को पेट्रोल डालकर जला दिया गया. दिल्ली पुलिस इस मामले की छानबीन कर रही है और इस मामले में दिल्ली पुलिस द्वारा 70 पेजों की चार्जशीट दायर की गई है.

दिल्ली पुलिस द्वारा इस हत्याकांड में 12 लोगों को आरोपी बनाया गया है जिसमें मुख्य आरोपी शहनवाज है. इनकी अलावा मोहमद फैजल, आजाद, अशरफ अली, राशिद उर्फ़ मोनू, शाहरुख़, मोहमद शोएब, परवेज, राशिद उर्फ़ राजा, मोहमद ताहिर, सलमान और सोनू सैफी के के रूप में पहचान हुई है.

यह भी पढ़े:- उत्तरकाशी पुलिस ने शुरू की एक अनोखी पहल, चारों तरफ हो रही हैं तारीफ़

दिलबर सिंह नेगी उत्तराखंड के पौड़ी जिले स्थित थलीसैण ब्लॉक का निवासी था, और 6 महीने पहले ही वह दिल्ली में रोजगार की तलाश में आया था. दिलबर नेगी की मौत के बाद उनके घर वालों पर आर्थिक संकट आ गया था.

उत्तराखंड के एक सामाजिक कार्यकर्ता विपिन घिल्डियाल ने सोशल मीडिया केेे माध्यम से लोगोंं को मदद करने केेेे लिए प्रेरित किया. विपिन घिल्डियाल के द्वारा उनके खाते की जानकारी उपलब्ध कराने के बाद बहुत लोगों ने अपनीीी इच्छा सेे इसमें मदद की.

इस हत्याकांड के एक हफ्ते बाद भारतीय जनता युवा मोर्चा के सोशल हेड नेहा जोशी ने दिलवर नेगी की माँ से मुलाकात कर सहायता हेतु 1 लाख रुपए का चेक दिया.

आज पूरा उत्तराखंड यह पूछ रहा है, कि आखिर दिलबर नेगी का क्या दोष था आखिर उसे क्यों जलाया गया. वह तो उत्तराखंड से दिल्ली अपने सपने पूरे करने आया था. आखिर दिलवर सिंह नेगी को कब न्याय मिलेगा.