आदमखोर गुलदार हुई ढेर, स्थानीय निवासियों ने ली राहत की सांस

न्यूज डेस्क अल्मोड़ा – उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के पेटशाल क्षेत्र में पिछले कई हफ्तों से आदमखोर गुलदार का आतंक छाया हुआ था, जिसको लेकर स्थानीय निवासियों मैं डर का माहौल था.

आपको बता दें कि अभी कुछ दिन पहले अल्मोड़ा जिले में तेंदुए का शिकार एक मासूम बच्चा बना था. कांग्रेस नगर अध्यक्ष ने भी तेंदुए के बढ़ते हुए आतंक देख कर वन विभाग को ज्ञापन सौंपा था.

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शिकारी द्वारा आदमखोर गुलदार हुई ढेर

प्राप्त जानकारी के अनुसार वन विभाग द्वारा पेटशाल क्षेत्र में लगाए गए पिंजरे में एक तेंदुआ के बच्चा फसा था, जिसके बाद से ही उसको बचाने के लिए तेंदुए पिंजरे के चारों ओर घूम रही थी. लगभग 7:30 बजे शिकारी द्वारा आदमखोर तेंदुए को गोली मारने की वजह से वह मर गई.

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मादा तेंदुए के मरने के बाद वन विभाग ने इसकी पुष्टि की. प्राप्त जानकारी के अनुसार मादा तेंदुए का एक दांत और अगले पंजे का एक नाखून टूटा हुआ था. मादा तेंदुए की उम्र लगभग नव वर्ष बताई जा रही है. मिली जानकारी के अनुसार मादा तेंदुए की ऊंचाई 2 फुट 5 इंच तथा लंबाई 6 फुट 10 इंच है.

जंगलों में गुलदार को ढूंढने में हो रही थी समस्या

बिजनौर से पेटा साल पहुंची शिकारियों की टीम पिछले कई दिनों से आदमखोर गुलदार को ढूंढ रही थी परंतु अल्मोड़ा के जंगलों मैं घनी झाड़ियां होने से उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा. आखिरकार वन विभाग की टीम को सफलता मिल ही गई. जिससे स्थानीय वासियों में राहत की सांस ली.

स्थानीय निवासियों को यह सूचना मिलने के बाद उन्होंने राहत की सांस ली परंतु कुछ ग्रामीण वासियों के अनुसार जंगलों में अभी और आदमखोर तेंदुए होने की शंका है.