सिर्फ शादी करने के लिए धर्म परिवर्तन वैध नहीं – इलाहाबाद हाईकोर्ट

इस केस में हिंदू लड़कियों ने धर्म बदलकर मुस्लिम लड़के से शादी की थी। सवाल था कि क्या हिंदू लड़की धर्म बदलकर मुस्लिम लड़के से शादी कर सकती है और यह शादी वैध होगी।
फाइल फोटो: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद. हाईकोर्ट ने शुक्रवार को शादीशुदा जोड़े की याचिका यह कहते हुए खारिज़ कर दी गई कि ‘सिर्फ करने के लिए धर्म का परिवर्तन करना वैध नहीं है’। दरअसल पुलिस सुरक्षा की मांग को लेकर एक शादीशुदा जोड़े ने रिट दायर की थी। कोर्ट ने मामले की सुनवाई के बाद विपरीत धर्म के जोड़े की याचिका खारिज कर दी है।

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मामला मुज्जफर नगर निवासी प्रियांशी उर्फ समरीन व उनके पति ने कोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिकाकर्ता के परिजनों ने शांतिपूर्ण वैवाहिक जीवन पर अंकुश लगाने की मांग की थी जिसे हाईकोर्ट ने खारिज़ कर दिया। साथ ही कोर्ट ने याची की पुलिस सुरक्षा की मांग को यह जानने के बाद खारिज़ कर दिया था। जब पता चला कि लड़की ने शादी करने से एक महीने पहले ही अपना धर्म बदल लिया था।

इस केस में हिंदू लड़कियों ने धर्म बदलकर मुस्लिम लड़के से शादी की थी। सवाल था कि क्या हिंदू लड़की धर्म बदलकर मुस्लिम लड़के से शादी कर सकती है और यह शादी वैध होगी।
फाइल फोटो: इलाहाबाद हाईकोर्ट

समरीन एक मुस्लिम लड़की है जिसने हिन्दू लड़के से शादी कर ली थी। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने याचिका दायर करने वाले जोड़ों को नूर जहां बेगम केस के फैसले का हवाला दिया, जिसमें कोर्ट ने कहा है कि शादी के लिए धर्म बदलना स्वीकार्य नहीं है।