देवभूमि में ऐसे भी शिक्षक जिन्हें लाॅकडाउन के दौरान भी है विघार्थियों के भविष्य की फ़िक्र

हिंदू लाइव डेस्क:- लॉकडाउन के कारण सभी स्कूल कॉलेज बंद कर दिए गए हैं। उत्तराखंड में तो कक्षा 10 और कक्षा 12 की परीक्षा चल रही थी, परंतु कोरोनावायरस की वजह से बीच में ही स्थगित करनी पड़ी। जिससे विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों की पढ़ाई सेे दूरी होती गई। ऐसे मैं कुछ शिक्षक अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए बच्चों के भविष्य उज्जवल बनाने में प्रयासरत हैं।

जानिए भास्कर जोशी के बारे में

भास्कर जोशी उत्तराखंड के प्राथमिक विद्यालय बजेला विकासखंड धौलादेवी जिला अल्मोड़ा मैं कार्यरत है। इनका जन्म स्थान सोमेश्वर अल्मोड़ा मैं है।

13 मार्च 2020 को आई सूचना के कारण अध्यापकों के द्वारा विद्यार्थियों को गृह कार्य देने का समय नहीं मिल पाया क्योंकि कई विद्यालयों में उत्तराखंड बोर्ड के पेपर चल रहे थे। जिसके कारण बच्चों का ध्यान पढ़ाई से हटने लगा। इसी बीच भास्कर जोशी जी ने व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर कुछ छात्रों को जोड़ा परंतु उसमें भी यह समस्या आने लगी कि कई बच्चों के पास स्मार्टफोन नहीं था जिसकी वजह से उन्हें जोड़ा जाए।

इसका यह समाधान निकाला गया कि जो विद्यार्थी ग्रुप में जुड़ा हुआ है वह अपना कार्य कॉपियों में लिखकर अन्य बच्चों को दिखाएगा और उन्हें वह कार्य करने के लिए कहेगा। ऑनलाइन क्लासेस में सिर्फ उन्हें ही जोड़ा जाता है जिनके लिए बस सरकारी विद्यालय ही शिक्षा का एकमात्र साधन है

धीरे धीरे इस ग्रुप में उत्तराखंड के विभिन्न जिलों से डेढ़ सौ से ज्यादा बच्चे अपने दैनिक कार्यों के लिए जुड़ने लगे। जिससे बच्चों में पढ़ने की उत्सुकता जागने लगी। इसमें अन्य जिलों के भी शिक्षा ग्रहण जुड़े हुए हैं जो अपने विद्यालय के साथ इस माध्यम से संवाद कर रहे हैं।

सबसे पहले एनसीईआरटी की वेबसाइट से संबंधित कक्षा की पाठ्यपुस्तक का डाउनलोड की जाती है फिर वह पाठ बच्चों को दिए जाते हैं इसके साथ-साथ बच्चों को प्रश्न उत्तर कार्य भी दिए जाते हैं जब कभी बच्चों को समस्या आती है तो वहां फोन करके भी पूछ लेते हैं उत्तराखंड में नेटवर्क की समस्या होती है फिर भी इस कार्य के बेहतर परिणाम मिल रहे हैं।

बच्चों से फीडबैक के तौर पर उनके कार्य की तस्वीरें मांगी जाती है। बच्चों को दो पाली में मैं सामग्री दी जाती है सुबह विषय कत और शाम के समय रचनात्मक सामग्री तथा योग के बारे में जानकारी दी जाती है।

यह कार्यक्रम न सिर्फ अल्मोड़ा जनपद में चला रहा बल्कि इसमेंं उत्तरााखंड के अन्य जिलोंं के बच्चे भी जुड़ रहे हैं। उन्होंने स्वयं के विद्यालय राजकीय प्राथमिक विद्यालय के बच्चो को लेकर अब तक उत्तराखंड के 150 से अधिक बच्चो तक अपनी पहुंच बना चुका है ।
इस कार्यक्रम को प्रभावी बनाने में कई स्वयंसेवक मित्र भी मदद कर रहे है जिनमें मुख्य रूप से राजेश पांडे जी,देहरादून से भुवन चतुर्वेदी जी देघाट से दीवान कार्की जी दिल्ली से दीपक बिष्ट जी पौड़ी से गौतम तिवारी जी मदद कर रहे हैं ।

यदि आपके आसपास भी कोई बच्चा (कक्षा 1 से लेकर 8 तक) पढ़ने को इच्छुक है तो वह इस मोबाइल नंबर पर 8899477295 संपर्क कर सकते हैं।

भास्कर जोशी के इस कार्य की अल्मोड़ा जिले में बहुत सराहना हो रही है, वह धीरे-धीरे वह अपने इस कार्य मैं बहुत बच्चों को जोड़ते जा रहे हैं ताकि लॉक डाउन के इस समय में बच्चों का ध्यान अपनी पढ़ाई पर बना रहे।