उत्तरकाशी पुलिस ने शुरू की एक अनोखी पहल, चारों तरफ हो रही हैं तारीफ़

हिन्दू लाइव डेस्क: उत्तरकाशी पुलिस द्वारा लोगों को कोरोना महामारी के प्रति जागरुक करने के लिए गढ़वाली भाषा में स्लोगन तैयार किए गए. जैसे कि लोगों को कोरोनावायरस के बारेे में आसानी से समझाया जाए.

लॉक डाउन के दौरान उत्तराखंड पुलिस द्वारा सराहनीय कार्य किया गया. उत्तराखंड पुलिस ने लॉकडाउन के दौरान बहुत सारे असहाय लोगों की तथा शहरों में फंसे हुए लोगों की मदद की. समय-समय पर उत्तराखंड पुलिस लोगों को जागरूक करने का अभियान चलाती रहती है.

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उत्तराखंड में मुख्यता दो ही भाषाएं बोली जाती है. गढ़वाल मंडल में गढ़वाली और कुमाऊं मंडल में कुमाऊनी भाषा बोली जाती है. जिससे उत्तरकाशी पुलिस द्वारा लोगों को समझाने के लिए गढ़वाली में स्लोगन तैयार किए गए.

उत्तरकाशी पुलिस द्वारा किए गए इस कार्य की लोग तारीफें कर रहे हैं. उत्तरकाशी पुलिस द्वारा किए गए इस कार्य के माध्यम से लोगों में एक अच्छा संदेश जाएगा.

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उत्तरकाशी में इस प्रकार की मुहिम एक बार इससे पहले भी चल चुकी है. उत्तरकाशी के जिलाधिकारी आशीष चौहान द्वारा 2 मई 2020 को कोरोनावायरस के संदर्भ में गढ़वाली भाषा में एक सूचना जारी की गई थी.

जिस तरीके से उत्तरकाशी पुलिस द्वारा गढ़वाली भाषा को बढ़ावा दिया जा रहा है वह काबिले तारीफ है उत्तरकाशी जिला अधिकारी द्वारा उठाए गए यह कदम एक मील का पत्थर साबित हो सकता है. यदि इसी तरीके से लोकल भाषाओं को सपोर्ट मिलता रहा तो जल्दी ही आप भाषा संविधान के अनुसूची में शामिल हो जाएगी.

उत्तराखंड में बोली जाने वाली भाषाएं गढ़वाली और कुमाऊंनी को अभी तक राष्ट्रीय भाषा का दर्जा नहीं मिला हैं. हालांकि समय-समय पर गढ़वाली और कुमाऊंनी भाषाओं को संविधान की आठवीं अनुसूची में जोड़ने की मांग होती रहती है. परंतु अभी तक इन भाषाओं को राष्ट्रीय भाषाओं का दर्जा नहीं मिल पाया है.