राममंदिर शिलान्यास और भूमि पूजन को रोकने के लिए लगाई गई याचिका हुई खारिज

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हिन्दू लाइव डेस्क – राममंदिर शिलान्यास और भूमि पूजन को रोकने केेेे लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट में लगाई गई याचिका को अदालत ने खारिज कर दिया है.

दिल्ली के वकील साकेत गोखले ने जुलाई 22, 2020 को अयोध्या में राम मंदिर भूमि पूजन के इस आयोजन पर रोक लगाने की याचिका (PIL) दायर की है।

इलाहाबाद हाईकोर्ट में लगाई गई याचिका

5 अगस्त को प्रस्तावित राममंदिर शिलान्यास और भूमि पूजन पर रोक लगाने के लिए दिल्ली के साकेत गोखले ने गुरुवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट में अर्जी दी है.

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याचिका में कहा गया कि कोविड-19 के अनलॉक टू गाइडलाइन के के अनुसार ज्यादा लोगों के एक साथ शामिल होने पर प्रतिबंध है, परंतु भूमि पूजन के दौरान लगभग 350 लोग इकट्ठे होंगे जो की गाइडलाइन के अनुरूप नहीं है.

कोरोना संक्रमण फैलने का है खतरा

पीआईएल में कहा गया कि कार्यक्रम में व्यक्तियों की संख्या अधिक होने से कोरोनावायरस संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ेगा, जिसके कारण भूमि पूजन के कार्यक्रम पर रोक लगाने की मांग की जा रही है.

राममंदिर शिलान्यास और भूमि पूजन पर लगी याचिका खारिज

इलाहाबाद हाईकोर्ट में लगाई गई याचिका का फैसला चीफ जस्टिस गोविन्द माथुर और जस्टिस सौमित्र दयाल सिंह की डिवीजन बेंच ने की.

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इलाहाबाद हाई कोर्ट द्वारा याचिका खारिज करने के बाद अब अयोध्या में भगवान श्री राम मंदिर का भूमि पूजन अब 5 अगस्त को ही होगा. हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने कहा कि जो आशंकाएं जताई गई है वह आधारहीन और सिर्फ कल्पना और के सहारे हैं. इलाहाबाद हाई कोर्ट द्वारा उत्तर प्रदेश सरकार और मंदिर निर्माण ट्रस्ट को भूमिपूजन और शिलान्यास कार्यक्रम में कोविड-19 लाइन का पालन करने का आदेश दिया है .