उत्तराखंड में कांग्रेस का प्रदर्शन, बढ़ती बेरोजगारी को बताया सरकार की नाकामयाबी

12 सितंबर को कांग्रेस ने पूरे उत्तराखंड में युवाओं और बेरोजगारों के लिए प्रदर्शन कर ‘रोजगार दो वरना गद्दी छोड़ दो’ के उद्घोष से सरकार के विरुद्ध अपना रोष प्रकट किया l उनका आरोप है कि सरकार ने बेरोजगारों को रोजगार देने का वादा किया था के साथ ही तीखे तेवर के साथ प्रदेश के कॉंग्रेसी बोले कि युवाओं को रोजगार तो नहीं मिला, लेकिन उनसे रोजगार छीनने का काम जरूर हुआ।

कांग्रेस द्वारा चेतावनी भी दी जा चुकी है कि आने वाले 23 सितंबर को विधानसभा सत्र शुरू होने से पहले कांग्रेस विधानसभा के बाहर धरना देगी और सरकार की इस नाकामयाबी पर जनता को जागरूक करेंगी l

गौरतलब है कि उत्तराखंड में बेरोजगारी लगातार बढ़ती जा रही है जिससे प्रभावित हो, कई युवा आत्महत्या कर चुके हैं।

पौड़ी गढ़वाल में भी जिला कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने नारे लगा कर राज्य सरकार का विरोध किया। कांग्रेस द्वारा त्रिवेन्द्र सरकार को चेतावनी दी गई कि या तो रोजगार दो या फिर गद्दी छोड़ दो।

कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष कीर्ति सिंह ने कहा कि राज्य सरकार ने कोरोना महामारी में घर लौटे युवाओं को लुभाने के लिए मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना आनन फानन में लॉन्च की जिसका फायदा किसी भी युवा को नहीं मिला।

इस मौके पर कांग्रेस के उत्तराखंड में विशेष आमंत्रित सदस्य राजपाल बिष्ट ने बताया कि राज्य सरकार हर मोर्चे पर विफल है।

इस मौके पर अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य राजपाल सिंह विष्ट के नेतृत्व में राज्य सरकार के विरुद्ध धरना प्रदर्शन किया गया जिसमें प्रदेश कांग्रेस से जुड़े कई बड़े नेता, कीर्ति रावत सुरजन रौतेला ,दीप्त खनवाल ,रोहन सिंह ,देवेंद्र सिंह, संजय रावत, आरती पंवार सभासद सतपुली आदि मौजूद थे l