Vocal for local: अल्मोड़ा में सालों से बंद पड़ी फैक्ट्री हुई चालू, बनेगा लोकल अचार, बुरांश जूस..

Vocal for local: अल्मोड़ा में सालों से बंद पड़ी फैक्ट्री हुई चालू, बनेगा लोकल अचार, बुरांश जूस..

Vocal for local: देश में चल रही महामारी के दौरान लोग अपने घरों में वापस आ गए हैं जिसकी वजह से अब लोग अपने ही गांव में रहकर स्वरोजगार की तरफ बढ़ रहे हैं. उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले में दो भाइयों ने मिलकर की स्वरोजगार की शुरुआत.

पूर्वजों की फैक्ट्री को किया चालू

जिला अल्मोड़ा विधानसभा द्वाराहाट ब्लॉक (चौखुटिया) जोरांसी खत्याड़ी गांव दिनेश बिष्ट और उनके चाचा पंकज बिष्ट लगभग 20 साल पहले दिल्ली चले गए थे. कोरोनावायरस के चलते वह अपने गांव वापस लौट आए. जिसके बाद से ही उन्होंने स्वयं का रोजगार शुरू करने की शुरुआत की.

Vocal for local: अल्मोड़ा में सालों से बंद पड़ी फैक्ट्री हुई चालू, बनेगा लोकल अचार, बुरांश जूस..

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इनके पिता द्वारा स्वरोजगार हेतु 2001 में गांव में ही एक फैक्ट्री स्थापित की थी, जिसमें से अचार बुरांश, खुमानी और लीची का जूस के साथ-साथ अचार भी बनाया जाता था. परंतु उस समय सरकार के द्वारा किसी तरीके से मदद नहीं मिलने और सड़क की सुविधा ना होने के कारण यह कार्य पूरे तरीके से शुरू नहीं हो पाया. जिसके बाद से ही इनका परिवार दिल्ली में काम करने के लिए चले गए थे. खुसाल सिंह बिष्ट ठेकेदार उफ्फ (दीपू दा) जिनकी मदद से इस कार्य को सफल बनाया है, उनकी आमदनी से प्रवासी काम कर रहे है.

Vocal for local अल्मोड़ा में 20 साल बाद दोबारा शुरू किया स्वरोजगार

उत्तराखंड मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत द्वारा स्वरोजगार अभियान से प्रेरित होकर इन्होंने दोबारा यह मशीन दुबारा से शुरू किया है. प्रकाश बिष्ट और दीपू बिष्ट के द्वारा अपने पिता के कार्य को दोबारा शुरू किया गया. इस दौरान उन्होंने अभी तक लगभग 100 किलो का अचार तैयार कर दिया है.

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सोशल मीडिया के द्वारा कर रहे हैं प्रचार

इस समय कोरोनावायरस के कारण अधिकतर बाजार बंद है. जिस वजह से इन्होंने अपने व्यवसाय के बढ़ाने के लिए सोशल मीडिया का उपयोग लिया है. सोशल मीडिया पर उनके इस कार्य पर अच्छा रिस्पांस प्राप्त हो रहा है. सोशल मीडिया पर पोस्ट डालने के बाद से ही इन्हें अभी तक लगभग 30 किलो अचार का आर्डर प्राप्त हो चुका है.

सरकार से आर्थिक मदद की मांग

स्वरोजगार की शुरुआत करने के लिए इनके द्वारा सरकार से आर्थिक मदद की मांग की गई है जिसके कारण यहां अपने स्वरोजगार को विस्तारित रूप दे सके.