टिहरी गढ़वाल के युवक ने बनाए कैमिकल्स फ्री साबुन, भीमल व कंडाली का किया उपयोग

टिहरी गढ़वाल. अब पहाड़ का पानी और पहाड़ की जवानी पहाड़ के काम आ रही है. टिहरी गढ़वाल जनपद में स्थित कंडवाल गांव के निवासी चंद्र प्रकाश कोठियाल ने स्वरोजगार अपनाकर पहाड़ों की जरूरत पूरा करने के लिए एक स्वदेशी कैमिकल्स फ्री साबुन बनाया है.

चंद्र प्रकाश कोठियाल ने बताया कि “विज्ञान विषय में अपनी पढ़ाई पूरी की व फोटोग्राफी में अपना करियर शुरू किया, लेकिन कोरोना महामारी के बाद काम बंद हो गया था”.

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केमिकल्स फ्री साबुन बनाने की शुरुआत

युवक ने बताया कि हम लोग जिन साबुन का उपयोग हम करते हैं उनमें कैमिकल्स की मात्रा अधिक है जो कि हमारी त्वचा के लिए हानिकारक है.

हिन्दू लाइव की टीम से बातचीत के दौरान युवक ने बताया वह घर में खाली बैठे हुए थे तो स्कूल में पढ़ी साबुनीकरण की क्रिया से एक स्वदेशी साबुन बनाने का फैसला लिया. विज्ञान विषय में अपनी अच्छी पकड़ के चलते चंद्र प्रकाश ने आखिरकार एक नहाने का साबुन बनाने की ठान ली.

टिहरी गढ़वाल युवक ने सबसे पहले पहाड़ी क्षेत्रों में अक्सर पाईं जाने वाली कंडाली के बारे में अध्ययन शुरू किया. अध्ययन में पाया कि कंडाली के लेप से त्वचा पर पड़ी झूरियों को मिटाने का एक अचूक नुस्खा है.

युवक ने कंडाली के लेप का एक साबुन तैयार कर लिया है जो जल्द ही अमेज़न स्टोर पर उपलब्ध होगा.

इसके अलावा युवक ने पपीता और भीमल के दो अन्य कैमिकल्स फ्री साबुन तैयार कर लिए हैं.

वैश्विक महामारी कोरोनावायरस के चलते लाॅकडाउन किया गया है. ऐसे में लोगों कई लोगों का रोजगार खत्म हो गया है. ऐसे में लोग अब स्वरोजगार अपनाकर अपनी रोज़ी-रोटी चलाने का प्रयास कर रहे हैं. उत्तराखंड के युवाओं द्वारा स्वरोजगार के क्षेत्र में अब काफी जागरूक हो रहे हैं. कई जिलों के युवाओं ने स्वरोजगार के माध्यम से स्वयं के साथ-साथ दूसरों को भी रोजगार दे रहे हैं.