हिन्दू लाइव डेस्क। आज हम भले ही 21वीं सदी की आधुनिक युग में जी रहे हैं। लेकिन वो पुराने दिन आज भी याद आते हैं। हालांकि समय चक्र को कोई रोक नहीं सकता है। और समय के साथ बदलाव भी जरुरी है। तभी किसी देश की उन्नति कर सकती है। इस लेख में हम आपको कुछ पुरानी यादों से रुबरु करवाने जा रहें हैं।

समय के साथ बदलाव भले ही आवश्यक है लेकिन शारीरिक श्रम कम हो गया और स्मार्ट वर्क बढ़ गया है। इसके दुष्परिणाम भी काफ़ी हैं। आधुनिक मशीनों ने भले ही हमारा काम आसान कर दिया है लेकिन आज के नौजवानों में वो दम नहीं रहा जो बुजुर्गों में था। आधुनिक युग में ना सिर्फ़ हमारी हेबिटस बल्कि हमारे घर की हर वो छोटी-बड़ी चीजें बदल गई है जो कभी हमारी जिंदगी का हिस्स  हुआ करती है।

आज से 15 साल पहले जब 4 दोस्त साथ में बैठा करते थे तो, PUBG नहीं बल्कि कैरम खेल कर एंजॉय करते थे।

कैरम खेलते हुए पुरानी फोटो

हर घर में एक प्रदूषण रहित हीरो या एटलस की साईकल जो घर की शान बढा देती थी।

पुरानी साईकिल

पुराना की-बोर्ड वाला वीडियो गेम हर घर का सबसे स्मार्ट गैजेट

पुराना की-बोर्ड वीडियो गेम

FACEBOOK क्या है किसी को पता नहीं था, पर कॉमिक बुक पढ़कर जो आनन्द मिलता था वह अब नहीं मिलेगा।

Old Comic Books

इंक पेन से हाथ गंदे करने का भी अलग ही अनुभव था।

फाउंटेनपेन इंक

मजाक के लिए तो लैंडलाइन फ़ोन ही बेस्ट ऑप्शन होता था।

पुराना टेलीफोन

इस स्विच पर लाइट ऑन ऑफ कपड़े टांगने का जुगाड़ भी हो जाता था।

पुराना स्विच