अमित रावत की जमीन भू माफियाओं ने हड़पी

उत्तराखंड में सख्त भू कानून की मांग लगातार की जा रही है ताकि अपनी पूर्वजों की जमीन भू माफियाओं से बचाई जा सके, लेकिन सरकार के ढुलमुल रवैए से भू माफियाओं के हौसले बुलंद हैं। राजनीतिक पहुंच और सेंटिंग के कारण यह लोग बच जाते हैं। ऐसा ही एक मामला पौड़ी गढ़वाल से है जहां श्रीनगर निवासी सेना का जवान अमित रावत मातृभूमि की रक्षा के लिए सीमा पर तैनात है और इधर भू माफियाओं ने उनकी पैतृक जमीन हथिया ली। परिवार ने जब इसका विरोध किया तो आरोपी द्वारा उनके साथ मारपीट भी की गई। पीड़ित परिवार ने डीएम दरबार में मदद की गुहार लगाई है. मामले में जिलाधिकारी ने एसडीएम और थानाध्यक्ष को निर्देशित किया है।

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पौड़ी गढ़वाल के श्रीनगर निवासी अमित रावत के पिता चार भाई थे और पैतृक जमीन का बंटवारा नहीं हुआ था। तीन भाइयों ने मिलकर अपनी जमीन किसी अजय जुगरान नामक व्यक्ति को बेच दी। सेना के जवान अमित रावत का परिवार अपने हिस्से की जमीन को नहीं बेचना चाहते हैं। सैनिक परिवार का आरोप है कि अजय जुगरान ने पूरी पैतृक जमीन हड़प ली और जब उन्होंने इसका विरोध किया तो उनके साथ मारपीट भी की गई। पैतृक जमीन होने की वजह से सैनिक परिवार के पास इस जमीन के कागज भी नहीं है, ऐसे में जमीन की पैमाइश भी नहीं हो पा रही।

अमित रावत की जमीन भू माफियाओं

सैनिक जवान अमित रावत के परिवार ने इस मामले की शिकायत पुलिस प्रशासन से भी की, लेकिन भू माफिया के आगे प्रशासन कोई कार्रवाई करने से टालता रहा। पुलिस उन्हें तहसील जाने तो तहसीलदार उन्हें थाने में गुहार लगाने की बात कहकर टालते रहते। प्रशासन के उपेक्षित रवैये से मायूस आशा रावत पत्नी अमित रावत ने जिलाधिकारी डॉ विजय कुमार जोगदंडे से न्याय की गुहार लगाई। आशा रावत ने रो-रोकर बताया कि भूमाफिया ने उनके परिवार को परेशान कर रखा है। उन्होंने बताया कि भूमाफिया द्वारा उनके साथ मारपीट की घटना को भी अंजाम दिया गया, जिसमें आशा रावत का हाथ तक फ्रैक्चर हो गया। फिलहाल जिलाधिकारी ने मारपीट की घटना पर संबंधित थानाध्यक्ष को मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं।