उत्तराखंड: सड़क के अभाव में गर्भवती महिला ने रास्ते में दिया बच्ची को जन्म

उत्तराखंड में विकास को लेकर भले ही कितने आंकड़े पेश किए जाते होंगे, लेकिन पर्वतीय क्षेत्रों की स्थिति दयनीय होती जा रही है। मूलभूत सुविधाओं के अभाव में इंसान कभी आधे रास्ते में दम तोडता, तो कहीं जंगलों में गर्भवती महिला का प्रसव होता। एक छोटा सा प्रदेश जहां की एक मात्र उपलब्धि यह कि मात्र 20 साल की छोटे कार्यकाल में 11 सीएम बन चुके हैं, परंतु पर्वतीय क्षेत्रों के लोगों की स्थिति में कोई बदलाव नहीं हुआ। आज भी कई क्षेत्रों में एंबुलेंस का काम डोली करती है, ऐसे हाल में आप जीवित रह गए तो वह किसी चमत्कार से कम नहीं है। ताजा मामला चमोली जनपद का है, जहा ग्राम पंचायत कनोल के प्राणमती गांव में सड़क सुविधा नहीं होने से गर्भवती महिला को डोली के सहारे अस्पताल ले जाने को निकले थे, लेकिन महिला ने आधे रास्ते में ही बच्चे को जन्म दे दिया। फिलहाल जच्चा-बच्चा दोनों ठीक हैं।

गर्भवती महिला ने रास्ते में बच्ची को दिया जन्म

मिली जानकारी के अनुसार चमोली जिले के घाट ब्लॉक की ग्राम पंचायत कनोल के प्राणमती गांव निवासी करिश्मा देवी पत्नी राजेंद्र कुमार को रविवार सुबह प्रसव पीड़ा शुरू हुई। गांव के लिए सड़क सुविधा ना होने से परिजनों ने डोली के माध्यम से महिला को अस्पताल ले जाने के लिए तैयार हुए। डोली को कंधे पर लादकर 8 किलोमीटर दूर सितेल सड़क मार्ग के लिए निकले, जहां से वाहन के माध्यम से प्रसूता को सीएचसी घाट ले जाना था। करीब आधा रास्ता पार करने पर महिला की प्रसव पीड़ा तेज हुई तो किसी तरह ग्रामीणों ने ही बीच रास्ते में गर्भवती महिला का प्रसव कराया। दोनों जच्चा-बच्चा स्वस्थ बताए जा रहे हैं। कनोल गांव के ग्रामीणों का कहना है कि 2018 में मुख्यमंत्री ने सड़क निर्माण की घोषणा की थी, लेकिन वह मात्र घोषणा बनकर रह गई। सड़क मार्ग ना होने से बीमार ग्रामीणों को कंधों में ढोना हमारी नियति बन गई है।

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