उत्तराखंड: गर्भवती महिला को सीएचसी स्टाफ ने भगाया, मैदान में दिया बच्चे को जन्म

हल्द्वानी में एक गर्भवती महिला की झोलाछाप डॉक्टर से इंजेक्शन लगाने से मौत हो गई। महिला के गर्भ में पल रहे 7 माह के शिशु की भी मौत हो गई। परिजनों ने झोलाछाप डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाया। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम किया। मूल रूप से यूपी निवासी महिपाल और पत्नी कुछ वर्षों पहले से गैस गोदाम रोड जिला कॉलोनी मुखानी में रहने लगे। उनका एक तीन साल का एक बेटा है। महिपाल साप्ताहिक बाजार में सब्जी की दुकान लगाता है। अनीता 7 माह के गर्भ से थी।

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मंगलवार सुबह अनीता के पेट में दर्द होने पर महिपाल उसे घर के पास स्थित एक कथित बंगाली चिकित्सक के पास ले गया। झोलाछाप डॉक्टर ने अनीता का चेकअप किया और खाने के लिए कुछ दवाइयां दी। जिसके बाद दोनों घर वापस लौट गए। दवा खाने के बाद भी अनीता को आराम नहीं मिलने पर महिपाल दोबारा बंगाली चिकित्सक के पास ले गया। महिपाल के अनुसार चिकित्सक ने अनीता को इंजेक्शन लगा दिया और दोनों घर लौट गए, लेकिन अनीता की तबीयत में सुधार होने की बजाय हालत ज्यादा बिगड़ गई।

आनन-फानन में महिपाल पत्नी को एसटीएच ले गया, लेकिन अस्पताल पहुंचने से गर्भवती महिला और गर्भ में पल रहे शिशु की मौत हो गई। अस्पताल प्रबंधन ने इस मामले की जानकारी पुलिस को दी। स्वजनों ने बंगाली चिकित्सक पर लापरवाही का आरोप लगाया। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम कर परिजनों के सुपुर्द कर दिया। मुखानी थानाध्यक्ष दीपक बिष्ट का कहना है कि मामले में अभी तक तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।