उत्तरकाशी: क्या शिव-मूर्ति का खंडन लोगों की आस्था को ठेस पहुंचाने का प्रयास है?

उत्तरकाशी

प्राचीन मणिकर्णिका घाट जहां पर शिव मूर्ति जो कि लोगों की आस्था का प्रतीक है, कल रात किसी ने मूर्ती को खंडित कर के अपने चरित्र का परिचय दिया है। जिस किसी ने भी इस तरह की हरकत की है उसकी जल्द से जल्द गिरफ्तारी होनी चाहिए, क्योंकि लोगों की आस्था से किसी की क्या दुष्मनी हो सकती है।

इस मामले को दो धर्मों से ना जोड़ा जाए।

कुछ लोगों इस हरकत को सोसल मीडिया पर दूसरे धर्म से जोड़ रहे हैं, लेकिन यह उचित नहीं है, तब तक जब तक कि इसका पता ना चले जिसने यह हरकत की है। उत्तरकाशी के लोगों से अनुरोध है कि वह इस मुद्दे पर आगे आए और इसकी जांच हो ऐसी हमारी प्रशासन से आशा है।

मणिकर्णिका घाट की विशेषता –

मणिकर्णिका घाट प्राचीन काल से ही श्रद्धालुओं की आस्था का केन्द्र रहा है। माना जाता है कि इस घाट पर स्नान करने से बनारस में स्नान करने के बराबर है, बाहर से आने वाले श्रद्धालु भी इस घाट पर स्नान करने को अपना सोभाग्य मानते हैं।

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