Land Acquisition Act kya hai? (भूमि अधिग्रहण कानून क्या है)

भूमि अधिग्रहण कानून क्या है? (Land Acquisition Act kya hai?)

भूमि अधिग्रहण कानून (land acquisition act) से आशय भूमि खरीदने की प्रक्रिया से है. इसके तहत केन्द्र व राज्य सरकार सार्वजनिक हित के लिए क्षेत्र का विकास या औघोगीकरण के नियमानुसार नागरिकों की निजी संपत्ति का अधिग्रहण (acquisition) करती है. सरकारें इस कानून के तहत नागरिकों को भूमि के मूल्य के साथ उनके पुनर्वास के लिए मुआवजे भी प्रदान करती है.

भूमि अधिकरण (land acquisition act) कानून कब लागू हुआ?

land acquisition act 1894: भारत और पाकिस्तान दोनों देशों का एक जैसा कानून है. जिसका उपयोग करके सरकारें निजी भूमि (Personal land) पर अधिग्रहण (acquisition) कर सकती है.

भूमि अधिग्रहण कानून क्या है? (Land Acquisition Act kya hai?)

भूमि अधिग्रहण कानून पांच महत्वपूर्ण स्तंभों पर टिका है. ये स्तंभ हैं सामाजिक प्रभाव आकलन (एसआईए), लोगों की सहमति, मुआवजा, पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन. यह कानून सार्वजनिक इस्तेमाल के लिए निजी जमीन लेने की सरकारी शक्तियों को सीमित करता है.

भूमि अधिग्रहण अधिनियम (land act) 1894 , 1894 और 2013 के बीच का अंतर

वर्ष 2013 में 110 साल बाद संसोधन किया गया था. 2013 तक देश में जमीनों का अधिग्रहण ‘भूमि अधिकरण अधिनियम, 1894’ के तहत होता था. पिछली यूपीए सरकार ने अपने कार्यकाल के अंतिम दौर में इस 110 साल पुराने कानून को बदला और इसकी जगह ‘भूमि अधिग्रहण में उचित मुआवजा और पारदर्शिता का अधिकार, पुनर्वास और पुनर्स्‍थापन अधिनियम, 2013’ लागू किया गया. संक्षेप में इसे ‘भूमि अधिग्रहण अधिनियम, 2013’ भी कहा जाता है.