---
title: "Uttarakhand News: उत्तराखंड उद्यान विभाग में एक और बड़ा घोटाला, फर्जी निकले किसान लाभार्थी"
slug: "uttarakhand-news-udhyan-vibhag-ghotaala"
author: "Editorial Desk"
category: "उत्तराखंड"
published: "2024-08-20 21:08:51"
updated: "2026-07-18 12:44:44"
canonical: "https://www.hindulive.com/uttarakhand-news-udhyan-vibhag-ghotaala/"
format: "article"
publisher: "HinduLIVE"
---

# Uttarakhand News: उत्तराखंड उद्यान विभाग में एक और बड़ा घोटाला, फर्जी निकले किसान लाभार्थी

> देहरादून। उत्तराखंड उद्यान विभाग में एक बार फिर बड़ा घोटाला सामने आया है। 200 अपात्र किसान बनाए गए है। फर्जी तरीके से प्रधानमंत्री किसान सिंचाई योजना के लाभार्थी बनाए गए है। फर्जी हस्ताक्षर किए गए है।

देहरादून। उत्तराखंड उद्यान विभाग में एक बार फिर बड़ा घोटाला सामने आया है। 200 अपात्र किसान बनाए गए है। फर्जी तरीके से प्रधानमंत्री किसान सिंचाई योजना के लाभार्थी बनाए गए है। फर्जी हस्ताक्षर किए गए है।

प्रधानमंत्री किसान सिंचाई योजना घोटाले में तकरीबन डेढ़ करोड़ रुपए का घोटाला उजागर होने के बाद संबंधित अधिकारी राजदेव सिंह पंवार को निलंबित कर दिया गया है। घोटाले से मुनाफा पाने वाली फर्मो पर अभी तक कोई कार्रवाई, न ही कोई रिकवरी हुई है।

घोटाले की जांच हेतु कृषि विभाग ने कर विभाग को पत्र लिखा है। कंपनी की जीएसटी के माध्यम से जांच करने की मांग की गई है। जॉइंट कमिश्नर इनफोर्समेंट(GST) श्याम तिरुवा ने बताया कि कृषि विभाग के कृषि और भूमि संरक्षण अधिकारी का पत्र कर विभाग को प्राप्त हुआ है। पत्र में रायपुर ब्लॉक स्थित सरवाना पंचायत और थाना न्याय पंचायत में 200 आपत्र पाए गए हैं। डिपार्ट्मेन्ट को फॉर्म की जांच को लेकर मांगी गई है।

## पांच फार्मों के नाम

कीटी ऐग्रोटैक, यश ऐग्रोटैक, मास्टर इंटरप्राइजेस, महाशक्ति इंटरप्राइजेस, ईवीएम इंटरप्राइजेस है। इन पांचों कंपनियों से ई वे बिल मांगा गया है। फर्म ने नहीं दिया। जिसके चलते कृषि विभाग ने जीएसटी डिपार्ट्मेन्ट को इन फर्मो की जांच को लेकर मांग की है।
