2 October रामपुर तिराहा गोलीकांड की 26वीं बरसी, जिसमें 7 आंदोलनकारी हुए थे शहीद

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रामपुर तिराहा गोलीकाण्ड 1994: पृथक उत्तराखण्ड की मांग में शामिल हुए आंदोलनकारियों का बलिदान हम आज शायद भूल गए हैं। देशभर में आज के दिन यानी 2 को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी व पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी की जयंती मनाई जाती है। लेकिन इस दिन अलग राज्य उत्तराखंड की मांग को लेकर दिल्ली जा रहें आंदोलनकारियों पर मुलायम सिंह यादव की हठधर्मिता से पुलिस ने आंदोलनकारियों पर गोलीबारी की जिसमें 2 अक्टूबर को 7 आंदोलनकारी शहीद हो गए।

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1 अक्टूबर वर्ष 1994 की रात जब पृथक राज्य उत्तराखंड की मांग को लेकर आंदोलनकारी शांतिपूर्वक दिल्ली जा रहे थे। उत्तर प्रदेश सरकार ने आंदोलनकारियों के मुजफ्फरनगर स्थित रामपुर तिराहा में रोककर अंधाधुंध फायरिंग और लाठीचार्ज करते हैं। जिसमें 7 आंदोलनकारी शहीद हो जाते हैं। इतना ही नहीं इस आंदोलन में शामिल महिलाओं के साथ सामुहिक बलात्कार जैसी अमानवीय घटनाओं को अंजाम दिया गया था।

पुलिस ने नारसन में रोके आंदोलनकारियों
आंदोलनकारी रामलाल खंडूड़ी बताते हैं कि पुलिस ने आंदोलनकारियों पर 1 अक्टूबर की रात से 2 अक्टूबर की सुबह तक लाठियों की बौछार और गोलियां चलाई थी।