बागेश्वर : तोक बेगड गांव तक सड़क के लिए ग्रामीणों के संघर्ष की कहानी

बागेश्वर : तोक बेगड गांव तक सड़क
फाइल फोटो

न्यूज़ डेस्क बागेश्वर, उत्तराखंड। राज्य में सैकड़ों ऐसे गांव हैं जहां आजादी के 72 साल बाद भी सड़कें नहीं पहुंची है. इनमें से एक गांव है ‘तोक बेगड‘. इस गांव को सड़क से जोड़ने के लिए मात्र एक किलोमीटर संपर्क मार्ग के निर्माण के लिए ग्रामीणों के अथक प्रयासों के बाद भी गांव को सड़क से नहीं जोड़ सके.

बागेश्वर : तोक बेगड गांव तक सड़क
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हाल ही में तोक बेगड स्वयं सहायक समूह ने वर्तमान मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत को पत्र लिखकर गांव को सड़क पहुंचाने के लिए मदद की गुहार लगाई. ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को बताया कि कैसे उनके अथक प्रयासों के बाद भी एक किलोमीटर संपर्क मार्ग बनाने की मंजूरी नहीं मिल सकी.

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत भी मंजूरी नहीं

ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने सड़क निर्माण के लिए PMGSY को प्रस्ताव भेजा था. PMGSY ने बताया कि गांव में कम से कम 250 लोग तथा सड़क की दूरी 2 किमी होना अनिवार्य है. इसके बाद में PMGSY ने इस मामले को बंद कर दिया.

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गांव में सड़क के लिए तोक बेगड ग्राम वासियों ने बनाया किमी लम्बा संपर्क मार्ग

अक्टूबर 2018 में 20 स्थानीय निवासी गांव को सड़क से जोड़ने की मांग को लेकर विधायक के पास पहुंचे. विधायक चन्दन राम दास ने ग्रामीणों को विधायक निधि से एक लाख रुपए की धनराशि देने की घोषणा की.

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पिछले सालों से हो रही भारी बरसात से संपर्क मार्ग जगह-जगह से टूट रहा है रोड में गड्ढे बन रहे हैं मिट्टी बह रही है.जिस को ठीक करने के लिए तो बिगड़ सहायता समूह ग्रामीण प्रशासन से गुहार कर रहे हैं