देहरादून. उत्तराखंड में भारतीय जनता पार्टी की सत्ता के सवा साल रह गए हैं। हाल ही में राज्य सरकार ने मंत्रिमंडल के विस्तार की बात कही थी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक काफी समय से इंतजार में बैठे बीजेपी विधायकों को मायूसी हाथ लगने की भी संभावना है।

बिहार विधानसभा चुनाव तक राज्य सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार कराने के संकेतों से लगता है कि चुनाव तक इसकी कोई संभावना नहीं है। सीएम त्रिवेन्द्र रावत के मुख्यमंत्री के साथ 9 अन्य मंत्रीमंडल के सदस्यों ने शपथ ली थी। इनमें से बीजेपी मंत्रिमंडल के वरिष्‍ठ सदस्‍य प्रकाश पंत का निधन हो गया था। जिससे मंत्रीमंडल की एक सीट खाली हो गई थी।

उत्तराखंड में अधिकतम 12 सदस्यों का मंत्रीमंडल हो सकता है। जिनमें से दो सीटें भी खाली है। यानी तीनों मंत्रालय वर्तमान समय में खुद मुख्यमंत्री के पास है। सीएम त्रिवेन्द्र रावत के पास प्रकाश पंत के निधन के बाद वित्त, आबकारी, पेयजल, संसदीय कार्य जैसे अहम मंत्रालय है।