चमोली: ठेली गांव की लड़की जो इस समय गांव के बच्चों की कर रही मदद

चमोली- कोरोना काल में हमें ऐसी कई कहानियां देखने को मिली, जो समाज में वाकई प्रेरणादायक है। ऐसे ही एक कहानी आज हम फिर लेकर आए हैं। चमोली जनपद के ठेली गांव की लड़की, जो इस कोरोना काल में अपनेेे गांव के बच्चों की मदद कर रही हैं।

कोरोना महामारी के चलते जहां देश में शैक्षणिक संस्थान बंद हो रखे हैं, और ऑनलाइन पढ़ाई के माध्यम से शैक्षणिक कार्य पूरा किया जा रहा है। वहीं उत्तराखंड में अभी भी कई ऐसे क्षेत्र हैं, जहां पर संचार सुविधाओं का अभाव है। तो कुछ लोग गरीबी के कारण अपने बच्चों को स्मार्टफोन नहीं ला सकते।

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जानिये ठेली गांव की लड़की के बारे में

उत्तराखंड के चमोली जनपद के ठेली गांव निवासी रंजना रावत जो देहरादून में गणित से स्नातकोत्तर की पढ़ाई कर रही है। साथ में ही वह भारतीय सेना में जाने की तैयारी कर रही है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार रंजना रावत कोरोनावायरस के कारण देहरादून से वापस अपने गांव आई थी। जिसके बाद रंजना द्वारा अपनी पढ़ाई के साथ साथ गांव के सभी दसवीं तक के बच्चों को पढ़ा रही है। रंजना रावत द्वारा बच्चों को दो ग्रुप में पढ़ाया जाता है। प्रत्येक ग्रुप में 10-10 बच्चे होते हैं। प्रतिदिन शाम 4:00 बजे से 6:30 बजे तक अब यह कार्य रंजना की दिनचर्या बन चुका है।

चमोली जनपद के ठेली गांव की लड़की

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रंजना रावत के इस कार्य से बढ़िया उदाहरण समाज में क्या हो सकता है निस्वार्थ भाव से किया गया यह कार्य प्रेरणा स्वरूप है। अपनी पढ़ाई की चुनौतियां होने के बावजूद भी इन्होंने बच्चों को शिक्षा से वंचित नहीं होने दिया।

इस तरह के कार्य वाकई प्रशंसनीय है। आज रंजना रावत गांव में ही नहीं बल्कि अपने क्षेत्र में भी सभी बच्चों की प्रेरणा बन चुकी है।