उत्तराखंड में राहत के नाम पर बंट रहा है एक्सपायरी डेट का आटा

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उत्तराखंड कोरोना वायरस के चलते पूरे भारत में लोग डाउन हो रखा है, जिसकी वजह से कई लोगोंं की आर्थिक स्थिति खराब हो चुकी है इनमें से अधिकतर दिहाड़ी मजदूर वाले लोग हैं जिन पर खानेे-पीने का संकट आ गया है। बहुत सारे सामाजिक संस्था इस समय लोगों के लिए खानेे पीने की व्यवस्था कर रहे हैं जिससेे कि लॉक डाउन में किसी को परेशानी ना हो।

इसी बीच उत्तराखंड राज्य की महिला कल्याण, पशुपालन, मत्स्य एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्य अपनेे पति के साथ इन दिनों अपने विधानसभा क्षेत्र सोमेश्वर के ग्रामीण क्षेत्रों में अपने निजी संसाधनों से दिन-रात जरूरतमंद लोगों को खाद्य सामग्री मुहैया कराने के काम में लगी हुई है। रेखा आर्य ने इससे पहले अपनी विधायक निधि से 15 लाख मुख्यमंत्री राहत कोष में दान कर दिए हैं।

फाइल फोटो:- सूर्यकांत धस्माना (भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस )

अल्मोड़ा मैं राहत सामग्री बांटते हुए रेखा आर्य केे पति गिरधारी लाल साहू पर लोगों ने आरोप लगाते हुए कहा कि वह एक्सपायरी डेट का आटा वितरित कर रहे हैं। आटे के कट्टो पर 2018 की एक्सपायरी डेट लिखी हुई थी जिसकी वजह से सोशल मीडिया पर लोग कई सवाल उठा रहे हैं। कांग्रेसी नेता सूर्यकांत धस्माना ने रेखा आर्य पर आरोप लगाते हुए कहा कि लोग अभी लाॅक डाउन की वजह सेे बहुत परेशान है और यदि आपको लोगोंं को आटा बांटना है तो कम से कम लोगोंं की खिलवाड़ मत करो। उन्होंने यह भी 2 साल पुराना एक्सपायरी डेट का कटा कौन रखता है।

इस पर गिरधारी लाल साहू ने यह बयान दिया कि लॉक डाउन के चलते नए कट्टो की समस्या हो रही थी जिसकी वजह से इन्हीं पुराने कटों में नया आटा भरवाया गया। गिरधारी लाल साहू के अनुसार आटा बिल्कुल ताजा है परंतु अब लोग इस बात को कतई मानने को तैयार नहीं जिसकी वजह से सोशल मीडिया में लोगों ने उनके खिलाफ नाराजगी जाहिर की।

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