उत्तराखंड के चमोली जिले के तपोवन/ रैंणी में बीते 7 फरवरी को आई प्राकृतिक आपदा से लाशों का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है, इस भीषण आपदा में अभी तक अलग-अलग क्षेत्रों से 67 शव एवं 28 मानव अंग बरामद हुए हैं, तथा लापता लोगों को ढूंढने का अभियान चलाया जा रहा है।

उत्तराखंड में 280 मदरसे बनेंगे स्मार्ट, चलेंगी स्मार्ट क्लासें

इस आपदा में कई परिवार के सहारे को छीन लिया, वहीं कई परिवार आज भी लापता हुए लोगों के वापिस आने का इतंजार कर रहे हैं। हालांकि डीजीपी अशोक कुमार ने कहा दिया कि लापता हुई लोगों का अब जिंदा होना मुश्किल है, और अन्तिम व्यक्ति की खोज तक यह सर्च अभियान चलाया जाएगा।

अभी तक 67 शव एवं 28 मानव अंग बरामद

शनिवार को तपोवन डैम एवं डैम साइट से 05 शव बरामद हुए हैं जिनमें से 04 शवों की शिनाख्त हो गयी है। इस आपदा में अभी तक अलग-अलग क्षेत्रों से 67 शव एवं 28 मानव अंग बरामद हो चुके हैं। जिसमें से 37 शवों एवं 01 मानव अंग की शिनाख्त की जा चुकी है। जिन शवों की शिनाख्त नहीं हो पाई है उन सभी शवों का डीएनए संरक्षित किये गये हैं।

जोशीमठ थाने पर अब तक कुल 204 लोगों की गुमशुदगी दर्ज की जा चुकी है और अभी तक 96 परिजनों एंव 73 शवों के DNA सैम्पल मिलान हेतु एफएसएल, देहरादून भेजे गये हैं।

इस भीषण आपदा में लापता हुए लोगों की तलाशी अभियान अभी भी जारी है। रेस्क्यू टीम को टनल के आसपास जमे मलबे के नीचेकुछ और शव दबे होने की आशंका है जिसके लिए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें दूरबीन, राफ्ट, डॉग स्क्वाड और दूसरे उपकरणों का इस्तेमाल कर रही है।