चमोली जनपद के तपोवन/रेणीं में बीते 7 फरवरी को भीषण आपदा आई थी, जिसमें कई लोगों की मृत्यु और कई लोग लापता है। उत्तराखंड सरकार ने चमोली आपदा में लापता लोगो को मृत घोषित करने की अधिसूचना जारी कर दी है।

इंस्पेक्टर हरक सिंह राणा का घर बना आपदा प्रभावित बुजुर्ग महिला और उसकी बेटी का ठिकाना

चमोली आपदा में लापता लोगों को मृत घोषित करने की अधिसूचना जारी

चमोली आपदा के 16वें दिन भी राहत एवं बचाव कार्य जारी है। इस अपना में अभी तक कई लापता लोगों का कुछ पता नहीं चल पाया है। जिसको लेकर उत्तराखंड सरकार ने चमोली आपदा में लापता लोगो को मृत घोषित करने की अधिसूचना जारी कर दी है। जिससे अब लापता हुए लोगों के परिजनों को मुआवजा मिलने में आसानी हो सकेगी।

इस आपदा के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बाढ़ में गंभीर रूप घायल हुए लोगों को 50 हजार व मृतकों को 2-2 लाख रुपए का मुआवजा देने की घोषणा की है, वहीं राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपए की सहायता राशि देने का फैसला लिया है।

7 फरवरी को ऋषिगंगा में आई आपदा के बाद लगातार राहत एवं बचाव कार्य जारी है। रेस्क्यू टीम द्वारा तपोवन सुरंग एवं बैराज से मलबा हटाने का कार्य जारी है, परंतु सुरंग में बार-बार पानी का रिसाव होने से बचाव कार्य में बाधा उत्पन्न हो रही है। मिली जानकारी के अनुसार सुरंग में 171 मीटर तक खुदाई हो चुकी है।

चमोली आपदा में लापता लोगों को मृत घोषित करने की अधिसूचना जारी

अभी तक कुल 68 शव एवं 28 मानव अंग बरामद

चमोली जनपद में आई आपदा में अभी तक कुल 68 शव एवं 28 मानव अंग अलग-अलग स्थानों से बरामद किये गये हैं, जिसमें से 38 शवों एवं 01 मानव अंग की शिनाख्त की जा चुकी है। जिन शवों की शिनाख्त नहीं हो पाई है उन सभी शवों का डीएनए संरक्षित किये गये हैं। जोशीमठ थाने पर अब तक कुल 204 लोगों की गुमशुदगी दर्ज की जा चुकी है, और अभी तक कुल 96 परिजनों 48 शवों एवं 25 मानव अंगों के DNA सैम्पल मिलान हेतु एफएसएल, देहरादून भेजे गये हैं।