रविवार को चमोली में आई प्राकृतिक आपदा के बाद लगातार रेस्क्यू अभियान जारी है। अभी तक 200 से अधिक लोग लापता हैं। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने चमोली त्रासदी के रेस्क्यू अभियान को लेकर उत्तराखंड सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि चार दिन बाद भी हम टनल पूरी नहीं खोल पाए।

चमोली त्रासदी के रेस्क्यू अभियान को लेकर हरीश रावत का बयान

चमोली त्रासदी के रेस्क्यू अभियान को लेकर हरीश रावत ने उत्तराखंड सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि इस रेस्क्यू अभियान में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत समस्त राज्य के नेता है, और क्या आपके मन में यह सवाल नहीं उठता कि सारे आधुनिक तकनीकी और केंद्रीय मदद उपलब्ध होने के बावजूद भी आज 4 दिन बाद भी हम टनल के अंतिम छोर तक नहीं पहुंच पाये है।

पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि टनल के अंदर हम ऑक्सीजन प्राप्त नहीं कर पाए, और ना ही दूसरे तमाम ऐसे उपाय कर पाए, जिससे टनल के अंदर फंसे हुए लोगों के जीवित बचने की संभावना बढ़ जाए।

हरीश रावत ने कहा कि प्रभावित परिवारों व क्षेत्रों तक खाद्य सामग्री आदि पहुंचाने के लिए क्या किसी तकनीक की आवश्यकता है, साथ ही जो लोग अपने लापता हुए प्रियजनों को ढूंढने आ रहे हैं तो उनके आंसू पोंछने का अरे तभी तो हमारा है, परंतु घटनास्थल पर कोई भी सूचना तंत्र विद्यमान नहीं है।

चमोली त्रासदी के रेस्क्यू अभियान को लेकर हरीश रावत का बयान

मुख्यमंत्री के लोकार्पण पर साधा निशाना

हरीश रावत ने कहा कि जिस समय हमें आपदा पर नजर रखनी चाहिए, उस समय हमारे मुख्यमंत्री शिलापट दर शिलापट का लोकार्पण कर रहे हैं। सरकार को यह देखना चाहिए कि हमारा सूचना तंत्र कितना प्रभावी है और हम लोगों तक सहायता पहुंचाने में कितने तत्पर है। इसी से ही उत्तराखंड की पहचान मजबूत होगी।

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हरीश रावत ने कहा कि इस इस आपदा के लिए किसी को दोष देने की बजाय हमें आगे की तरफ देखना चाहिए और यह सीख लेनी चाहिए कि यह हम सबके लिए सामूहिक कर्तव्य है। जिसको लेकर मुख्यमंत्री को इस दिशा में पहल शुरू करनी होगी। साथ ही उन्होंने कहा कि टनल में कार्यरत उपकरण को लेकर मैंने अपनी आशंका मुख्य सचिव को बता दी थी।