उत्तराखंड: सरकारी नौकरी छोड़कर IITian दे रहा हथकरघा को बढ़ावा

रुड़की. वैश्विक महामारी कोरोना के चलते उत्तराखंड में हथकरघा उद्योग पर बुरा असर पड़ा है. इसे पुनः पटरी पर लाना एक तरह से उघोगपतियों के लिए चुनौती है। राज्य के कई ज़िले मुख्यत उत्तरकाशी, पिथोरागढ़, रुद्रप्रयाग, टिहरी और चमोली जिले के लोग हस्तशिल्प और हथकरघा उद्योग से जुड़े हैं।

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आईआईटी रूड़की के पूर्व छात्र आशीष ध्यानी जिन्होंने अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद नौकरी करने के बजाय उत्तराखंड हथकरघा उद्योग अपनाया। हालांकि आशीष विदेशों में नौकरी कर के अपना जीवन यापन कर सकते थे। लेकिन आशीष ने उत्तराखंड के हस्तशिल्प कारिगरों, बुनकरों का साथ दिया।

उत्तराखंड हथकरघा की टीम द्वारा बनाए गए स्टाल और पंखी

आशीष ने हिन्दू लाइव की टीम को बताया कि जो लोग हथकरघा उद्योग से जुड़ना‌ चाहते हैं हम उन्हें सहयोग करेंगे। इसके साथ ही एक पोर्टल खोलेंगे जिसमें बुनकर, हस्तशिल्प कला भी सिखाएंगे। आशीष ध्यानी का यह कार्य वाकई सराहनीय है।

अक्सर लोग अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद नौकरी की तलाश में लग जाते हैं। लेकिन आशीष ने इस उद्योग में अपना करियर शुरू किया है। जिससे और भी स्थानीय लोगों को रोजगार मिल सके।