भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तराखंड मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत लगातार आत्मनिर्भर भारत की ओर युवाओं का दृष्टिकोण खींच रहें हैं। जिससे स्वरोजगार के साथ-साथ अन्य लोगों को भी रोजगार दिया जा सके। ऐसे ही आत्मनिर्भर भारत की ओर बढ़ते हुए पहाड़ का युवा पंकज टम्टा ने पहाड़ी सैलून के नाम से स्वरोजगार खोला।

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कहते हैं कि कोई भी व्यवसाय छोटा या बड़ा नहीं होता है, यदि व्यवसाय को पूरी मेहनत से किया जाए तो एक दिन जरूर सफलता मिलती है। ऐसी ही सोच को लेकर नैनीताल जिले के बेतालघाट तहसील के चड्यूला के पंकज टम्टा ने पहाड़ी सैलून के नाम से स्वयं का सैलून खोलकर स्वरोजगार की राह पकड़ी।

कोरोना काल में काफी लोगों ने बहुत कुछ खोया, और वहीं कुछ लोगों ने इस आपदा को अवसर में बदल दिया। बता दें कि पंकज टम्टा कोरोना काल से पहले बाहर काम करते थे, परन्तु लॉकडाउन के दौरान जॉब होने के बाद वह वापस गांव लौट आए। जिसके बाद उन्होंने स्वरोजगार का माध्यम चुना और पहाड़ी सैलून के नाम से खोली गई। इस दुकान पर लोगों का भरपूर सपोर्ट मिल रहा है।

नैनीताल विधायक संजीव आर्य ने किया शुभारंभ

पंकज टम्टा के स्वरोजगार को लेकर जनप्रतिनिधियों ने भी तारीफ की, यहां तक कि नैनीताल के युवा विधायक संजीव आर्य और दर्जन मंत्री पी सी गौरखा द्वारा इस सैलून का शुभारंभ किया गया।

पहाड़ी सैलून से खोला स्वरोजगार

आत्मनिर्भर भारत की तरफ बढ़ते हुए पंकज ने दूसरों के लिए नायक उदाहरण पेश किया है। वर्तमान समय में छोटे-छोटे स्वरोजगार ही आजीविका के साधन बन सकते हैं। बस जरुरत है तो युवाओं की इच्छा शक्ति का, जिससे पहाड़ की जवानी पहाड़ के ही काम आ सके।