कुमाऊनी गाने के बाद मैथिली ठाकुर ने गढ़वाली भाषा में गढ़वाली मांगल गीत को दी आवाज

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कहते हैं कि संगीत की कोई भाषा, बोली की सीमा नहीं होती है ऐसे ही भोजपुरी और हिंदी गाने को आवाज देने वाली मैथिली ठाकुर ने गढ़वाली भाषा के एक गाने को आवाज दी है, जिसको लेकर सोशल मीडिया में उनकी काफी तारीफ हो रही है।

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गायिका के माध्यम से अपनी पहचान बनाने वाली युवा गायिका मैथिली ठाकुर ने गढ़वाली गीत गढ़वाली मांगल गीत, (“दे दयावा बाबा जी”…आ) को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर शेयर किया। जिसे लोगों द्वारा काफी सराहा गया।

मैथिली ठाकुर का यह गढ़वाली गीत सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो गया है। उत्तराखंड के रुड़की विधानसभा के विधायक प्रदीप बत्रा ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म वीडियो शेयर कर मैथिली को धन्यवाद किया है।

मैथिली ठाकुर ने गढ़वाली भाषा में गढ़वाली मांगल गीत, (“दे दयावा बाबा जी”…आ) उत्तराखंड के गढ़वाल मंडल में शादियों के समय कन्यादान में गाया जाता है। कन्यादान के समय गांव की सभी महिलाएं यह गीत एक सुर में गाती हैं।

बता दे कि कुछ दिनों पहले मैथिली ठाकुर ने कुमाऊनी मांगलिक गीत( सुआ रे सुआ बणखंडी सुआ) का वीडियो अपलोड किया था। जिसे लोगों द्वारा बहुत पसंद तथा शेयर किया गया था।

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मैथिली ठाकुर का यह गाना उन उत्तराखंडी लोगो के लिए प्रेरणास्रोत है, जो कहते है कि हम गढवाली भाषा तो समझ लेते हैं पर बोल नहीं पाते हैं। एक रखना अपनी संस्कृति से दूर जा रहे हैं ऐसे में मैथिली का यह गाना वाकई काबिले तारीफ है। समस्त उत्तराखंड वासी मैथिली के इस गाने के लिए धन्यवाद व्यक्त कर रहे हैं। सोशल मीडिया में यह गीत लोगों द्वारा काफी शेयर किया जा रहा है।


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