चारधाम देवस्थानम एक्ट को लेकर उत्तराखंड सरकार को बड़ी राहत, हाईकोर्ट ने खारिज की याचिका

चारधाम देवस्थानम एक्ट

न्यूज डेस्क, नैनीताल। चारधाम देवस्थानम एक्ट को लेकर उत्तराखंड सरकार को हाईकोर्ट से राहत मिली है.सुब्रह्मण्यम स्वामी द्वारा दर्ज की याचिका को नैनीताल हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है .

चारधाम देवस्थानम एक्ट को लेकर नैनीताल हाई कोर्ट में दर्ज की थी याचिका

बीजेपी नेता सुब्रह्मण्यम स्वामी द्वारा नैनीताल हाईकोर्ट में देवस्थानम बोर्ड एक्ट को लेकर एक याचिका दर्ज की थी जिसमें उन्होंने कहा था कि सरकार द्वारा चार धाम और 51 मंदिर अपने अधीन लेना जन भावनाओं के खिलाफ है तथा संविधान की अनुच्छेद 25, 26 तथा 32 का उल्लंघन है.

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उत्तराखंड सरकार ने याचिका को बताया था निराधार

राज्य सरकार द्वारा नैनीताल हाईकोर्ट में अपने पक्ष के दौरान यह पाया गया कि हमने यह एक्ट को बड़ी पारदर्शिता से बनाया है और इसमें मंदिर में चढ़ने वाले चढ़ावे का पूरा रिकॉर्ड रखा जा रहा है और ना ही इससे संविधान के अनुच्छेद 25, 26 और 32 का उल्लंघन होता है. उत्तराखंड सरकार ने याचिका को निराधार बताते हुए इस को खारिज करने की अपील की थी.

आपको बता दें कि नैनीताल हाई कोर्ट 29 जून से प्रतिदिन इस प्रकरण पर सुनवाई कर रही थी. सुनवाई पूरी होने के बाद नैनीताल हाई कोर्ट ने निर्णय को सुरक्षित रख लिया था.

चारधाम देवस्थानम एक्ट
फाइल फोटो: श- हाईकोर्ट नैनीताल, (उत्तराखंड )

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सुब्रह्मण्यम स्वामी जा सकते हैं सुप्रीम कोर्ट

बीजेपी नेता सुब्रह्मण्यम स्वामी ने ट्वीट करके कहा कि मैं अभी हाईकोर्ट के पूरे निर्णय का इंतजार कर रहा हूं.उन्होंने कहा कि जिन धाराओं के रूप में यह अधिनियम बना है, उनमें कुछ कमियां है. उन्होंने अपने पिछले कुछ मामलों का उदाहरण देते हुए कहा कि इसके लिए मैं सुप्रीम कोर्ट से संपर्क कर सकता हूं.

उत्तराखंड सरकार को स्पष्ट करनी होगी नीति

उत्तराखंड सरकार को नैनीताल हाईकोर्ट से राहत मिलने के बाद भी समस्या खत्म नहीं होने वाली है. उत्तराखंड के पुरोहितों द्वारा इस एक्ट का विरोध किया जा रहा है जिसके लिए उत्तराखंड सरकार को अपनी नीति स्पष्ट करनी होगी.