नेपाल का दूसरा झूठा दावा, कहा देहरादून और नैनीताल भी हमारा

चीन के इशारों पर चलने वाला नेपाल कालापानी मुद्दे के बाद अब उत्तराखंड की राजधानी देहरादून सहित नैनीताल को भी अपना शहर बता रहा है। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश व उत्तरप्रदेश के कई शहरों को अपना बताकर नेपाल में एक ग्रेटर नेपाल अभियान चलाया रहा है।

नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी ने यूनिफाइड नेपाल नेशनल फ्रेंट के साथ मिलकर यह अभियान चलाया है। जिसमें इस अभियान से जुड़े लोग भारत के कई प्रमुख शहरों पर अपना दावा कर रहे हैं। दरअसल नेपाल सुगौली संधि से पहले की तस्वीरें दिखा कर अपने नागरिकों को गुमराह कर रहा है।

बता दें 8 अप्रैल 2019 में नेपाल ने संयुक्त राष्ट्र संघ में इस मुद्दे को उठाया भी था। लेकिन, फिर ये मुद्दा शांत हो गया था। विशेषज्ञों के हवाले से मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि नेपाल सत्ताधारी दल भारत और नेपाल के संबंधों में दूरी बढ़ाने के लिए दुष्प्रचार कर रही है। ग्रेटर नेपाल के दावे का कोई आधार नहीं है।

केपी शर्मा ओली पर चीन से रिश्वत लेने का आरोप

नेपाल के प्रधानमंत्री केपी ओली पर चीन की सरकार से 41.34 करोड़ रुपए रिश्वत लेने का आरोप लगा है। नेपाल सरकार पर यह भी आरोप लगा है कि चीन ने यह रिश्वत नेपाल को भारत के खिलाफ भड़काने के लिए दी है। तो ग्लोबल वाच एनालिसिस की एक रिपोर्ट के मुताबिक नेपाल पीएम केपी शर्मा ओली की संपत्ति बीते वर्षों में कई गुना बढ़ गई है।