गलवां घाटी में झड़प के दौरान घायल हुआ उत्तराखंड का जवान शहीद, 31 को‌ होना था रिटायर

पिथोरागढ़. गलवां घाटी में झड़प के दौरान उत्तराखंड के एक जवान घायल हो गए थे. जिनका अभी इलाज चल रहा था लेकिन इसी बीच एक दुखद खबर मिली है कि उत्तराखंड का लाल हवलदार बिसन सिंह ने रविवार को अंतिम सांस ली.

43 वर्षीय बिसन सिंह का पार्थिव शरीर उनके घर पहुंचाया गया है. बता दें शहीद हुआ जवान शहीद बिशन सिंह का पार्थिव शरीर रात करीब 1:30 बजे कामलुवागांजा स्थित उनके भाई जगत सिंह के आवास पर पहुंचाया गया.

जानकारी के अनुसार, शहीद बिशन सिंह 31 अगस्त 2020 को सेवानिवृत्त होने वाले थे। शहीद बिशन सिंह अपने पीछे पत्नी सती देवी 40 वर्ष, पुत्र मनोज 19 वर्ष और पुत्री मनीषा 16 वर्ष को छोड़ गए हैं.

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चीन और भारत के कुछ दिनों पहले सीमा विवाद को लेकर तनाव बढ़ गया था. पिथोरागढ़ जनपद के मुनस्यारी में स्थित बंगापानी के रहने वाले थे.

बीते दिनों भारत और चीन के चल रहे सीमा विवाद को लेकर काफी तनाव बढ़ गया था. इसी बीच दोनों देशों की सेना के बीच एक हिंसक झड़प हो गई थी. इस दौरान उत्तराखंड के जवान बिसन सिंह की गलवां घाटी में तैनाती थी.