दुखद ख़बर: डोकलाम में उत्तराखंड का एक और जवान शहीद

उत्तराखंड के किच्छा का रहने वाला एक जवान भारत-चीन सीमा पर ड्यूटी के दौरान शहीद हो गया। ऊधमसिंह नगर के किच्छा निवासी आईटीबीपी (ITBP) जवान जमीर अहमद चीन सीमा से सटे डोकलाम में शहीद हो गए।

आपको बता दें कि डोकलाम वही इलाक़ा है जिसे चीन अपना बता रहा था और वहाँ कुछ महीने पहले भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच हाथापाई की बात भी सामने आई थी।

इलाज के दौरान तोड़ा दम

बताया जा रहा है कि जमीर अहमद की मौत बीमारी के कारण हुई है। शहीद जवान का शव सोमवार यानी आज उनके घर पहुंचेगा।


जमीर अहमद की शहादत की खबर मिलते ही परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है । शहीद के परिवार में पत्नी नूरजहां, बेटी तरन्नुम और शहनाज के अलावा पुत्र सनाउल मुस्तफा भी है।

फोटो साभार: उत्तराखंड पोस्ट

शहीद जवान जमीर अहमद के बेटे सनाउल ने बताया कि उनके पिता 12 दिसंबर 2019 को ड्यूटी के लिए रवाना हुए थे। उनसे फोन पर हर दूसरे-तीसरे दिन बात होती थी लेकिन पिछले कुछ दिनों से उनकी ड्यूटी कहीं ऊंची पहाड़ियों पर लगी थी, जिससे उनके साथ संपर्क काफ़ी कम हो गया था।

शनिवार सुबह उन्हें आईटीबीपी की ओर से फोन आय़ा कि उनके पिता की तबीयत अचानक खराब हो गई थी, जिस पर उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।

डोकलाम में शहीद हुए किच्छा के लाल जमीर अहमद वर्ष 2009 से 2012 तक राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) में कार्यरत थे। सनाउल ने बताया कि पिता के एनएसजी में रहने के दौरान परिवार उनके साथ दिल्ली के निकट मानेसर में ही रहता था।