हिन्दू लाइव डेस्क :- लॉक डाउन के दौरान टिहरी गढ़वाल जिले केे लोगों ने समय का सदुपयोग करते हुए पूरे ग्राम वासियोंं ने श्रमदान करके रास्तेे को समतल किया.

जाने यह कहां का और क्या है मामला:-

उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल के प्यूंखरी ग्राम सभा के लोगों ने श्रमदान करके मंदिर जाने वाले रास्ते को समतल किया. गांव से मंदिर जाने वाले रास्ते की हालत सही नहीं थी, जिसके कारण ग्राम वासियों को रास्ते का उपयोग करने में समस्या आती थी.

जानकारी के मुताबिक 24 अप्रैल से यहां पूजा की जानी थी। मगर वैश्विक महामारी कोरोना के कारण यह संभव नहीं हो पाई।

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ग्राम वासियों सेे बात करने पर उन्होंने बताया कि गांव में मां राजेश्वरी देवी का मंदिर स्थापित है, जो ग्राम वासियों ने स्वयं श्रमदान करके ही बनाया था. 1 साल पहले ही यह मंदिर ग्राम वासियों श्रमदान करके ही बनाया था.

सोशल मीडिया का किस तरीके से किया गया इस्तेमाल

लॉक डाउन के दौरान जहां सामूहिक बैठक नहीं हो सकती, तो ग्रामीण वासियों ने व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर इस कार्य के लिए बहस की तथा सब लोगों को इस श्रमदान की सूचना दी गई. तय किए गए निश्चित दिन को सभी ग्रामवासी श्रमदान करने के लिए पहुंच गए.

2018 में ग्राम वासियों द्वारा मंदिर की नींव रखी गई और ग्राम वासियों ने स्वयं चंदा इकट्ठा करके यह मंदिर बनाया तथा ग्राम वासियों ने श्रमदान करके इस मंदिर का निर्माण किया.

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टिहरी गढ़वाल के प्यूंखरी ग्राम सभा के लोगों मेें आपसी भाईचारा और प्रेम रहता है. ग्राम सभा में किसी ग्रामीण वासी को कोई समस्या आनेे पर उसकी मदद के लिए पूरा गांव तैयार रहता है.

ग्राम वासियों से मिली जानकारी के मुताबिक प्यूंखरी गांव से जस्सवीर रावत, सतेंद्र रावत, सब्बल सिंह, अरविंद सिंह प्रवीण सिंह अनिल सिंह थे. ग्राम वासियों के द्वारा इस कार्य के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा पालन किया गया.