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उत्तराखंड में बेरोजगारी रोकने के कुछ मुद्दों पर चर्चा

हिन्दू लाइव डेस्क :- उत्तराखंड में बेरोजगारी अपने चरम सीमा पर है. वहीं यह आंकड़ा दिन प्रतिदिन बढ़तेे जा जा रहा है. आइए जानते हैं उत्तराखंड में बेरोजगारी रोकने केेेे कुछ मुद्दों के बारे मेें जिनसे काफी हद तक बेरोजगारी के आंकड़े कुछ कम हो सकते है.

पिछले आर्टिकल में हमने उत्तराखंड में बढ़ती बेरोजगारी के कुछ पहलुओं पर चर्चा की थी, यदि आपने वहां नहीं पढ़ा तो आप यहां से पढ़ सकते हैं.

उत्तराखंड में बेरोजगारी समस्या के कुछ पहलुओं पर चर्चा

बेरोजगारों की बढ़ती संख्या को रोकने के कुछ पहलू

स्वरोजगार को बढ़ावा देना:- हालांकि उत्तराखंड सरकार समय-समय पर स्वरोजगार के लिए अभियान चलाते हैं परंतु उसमें भी इतनी प्रक्रियाएं होती है कि जो सामान्य व्यक्ति नहीं समझ पाता. स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए सरकार यदि जिलाधिकारियों के ऊपर कुछ जिम्मेदारी बढ़ा दे और स्वरोजगाार करने लोगों का प्रोत्साहन करे, तो काफी लोग इसकी तरफ ध्यान देना शुरू करेंगे.

सरकारी पदों की भर्तियां पूरी करना :- उत्तराखंड में कई सरकारी विभागों मैं पद खाली पड़े हुए हैं. सरकार द्वारा समय-समय पर विज्ञप्ति निकाली जाती है, परंतु उसको पूरा करने में भी तीन-चार साल का समय लग जाता है. सरकार को पदोंं को भरने की प्रक्रिया को जल्दी कर देना चाहिए. जिससे कि यह पद जल्दी भर जाए और इनसे लोगों को रोजगार मिलेगा.

औरतों की भूमिका :- उत्तर प्रदेश के समय से ही महिलाओंं की उत्तराखंड में विशेष भूमिका रही हैै. महिलाओं द्वारा ही अधिकतर घर का ख्याल रखा जाता था. यदि उत्तराखंड के पुरुष और महिलाएं साथ मिलकर काम करें तो वह स्वयं अपना स्वरोजगार स्थापित कर सकते हैं.

युवाओं में आत्मनिर्भरता :- आज के युवाओं में यहां मानसिकता बैठ गई है, कि सरकारी नौकरी ही रोजगार है. आज के युवा दिनभर सोशल मीडिया में लगे रहेंगे. इन युवाओं में आत्मनिर्भरता के प्रति इनका दृष्टिकोण बदलना पड़ेगा, जिससे युवा अपने स्वरोजगार की तरफ ध्यान देना शुरू करेंगे.

भूमि अधिग्रहण कानून लागू करना :- हिमाचल की तरह उत्तराखंड में भी भूमि अधिग्रहण कानून लागू करना चाहिए जिससे कि बाहरी व्यक्ति उत्तराखंड में व्यवसाय करने के लिए आए भी तो उसे लीज पर जमीन उपलब्ध हो. इस कानून के लागू होने से कोई बाहरी व्यक्ति आप की जमीन नहीं खरीद सकता.

इंडस्ट्रीज एरिया में उत्तराखंड वासियों को वरीयता:- उत्तराखंड के मैदानी शहरों में स्थित सिडकुल में उत्तराखंड लोगों को वरीयता देनी चाहिए. जिससे कि यहांं के लोगों को रोजगार उपलब्ध हो सके.

स्थापित वातावरण को बदलने की जरूरत:- उत्तराखंड में यदि कोई छोटा रोजगार स्थापित करता हैं, तो बहुत सारे लोग उसकी हंसी उड़ातेे हैं जबकि लोगों को उसका प्रोत्साहन करना चाहिए. यदि लोगों कि यह विचारधारा परिवर्तित हो जाए, तो लोग स्वरोजगार की तरफ आकर्षित होना शुरू करेंगे.

उत्तराखंड मैं बेरोजगारी रोकने के लिए कुछ उपाय नहीं किए गए, तो उत्तराखंड सरकार के लिए यह काफी बड़ी समस्या हो सकती है. कोरोनावायरस से पूरे देश में आर्थिक समस्या खड़ी हुई है. इस दौरान बहुत लोगों ने अपने नौकरी खो दी है. उत्तराखंड सरकार को जल्द से जल्द इस मामले में चिंतन करने की जरूरत है.