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उत्तराखंड में बेरोजगारी समस्या के कुछ पहलुओं पर चर्चा

हिन्दू लाइव डेस्क :- उत्तराखंड में बेरोजगारी एक बड़ी समस्या है. पूरे देश में लॉक डाउन होने से प्रवासी वापस अपने राज्यों की तरफ आ चुके हैं, जिससे बेरोजगारी ज्यादा बढ़ गई है.

बजट सत्र के दौरान निर्दलीय विधायक प्रीतम सिंह पवार द्वारा सरकार यह सवाल पूछा गया कि आखिर कितने लोगों को सरकार द्वारा रोजगार प्राप्त किया गया और सरकार की बेरोजगार भत्ते देने के लिए क्या निर्णय लिया है.

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बजट सत्र के दौरान हरक सिंह रावत ने कहा था कि, प्रधानमंत्री द्वारा चलाए जा रहे कौशल विकास योजना के तहत 22630 युवाओं को उन 70 विभिन्न पाठ्यक्रमों में प्रशिक्षित किया गया और 9699 युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए गए.

उत्तराखंड की कुल आबादी डेट करोड़ में से लगभग 10 लाख लोग बेरोजगार हैं, समय-समय पर उत्तराखंड सरकार द्वारा रोजगार मेला लगा के युवाओं के लिए रोजगार उपलब्ध कराए जाते हैं, परंतु वह कुछ सीमित सीटों के लिए ही होता है.

उत्तराखंड में बेरोजगारी बढ़ने के कुछ मुख्य कारण

• उत्तराखंड सरकार का पहाड़ों के प्रति उदासीन रवैया भी बेरोजगारी बढ़ने का कारण है. बहुत से लोग स्वरोजगार करना चाहते हैं, परंतु सड़क की व्यवस्था ना होने के कारण उनके लिए बहुत सारी समस्याएं उत्पन्न हो जाती है. कई गांव में मूल सुविधाओं की भी समस्या है, जैसे पानी की समस्या जंगली जानवरों से खतरा और प्रकृति आपदाओं की मार.

• उत्तराखंड सरकार द्वारा विज्ञप्ति तो समय-समय पर निकाल दी जाती है. उन विज्ञप्ति को भरने मैं कई सालों लग जाते हैं. उत्तराखंड सरकार की विज्ञप्तियों को भरने के लिए समय-समय पर आंदोलन होता रहता है.

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• उत्तराखंड सरकार समय-समय पर स्वरोजगार के लिए युवाओं को प्रेरित करती है, परंतु स्वरोजगार शुरू करने में भी इतने जटिल प्रक्रिया होती है. जिसकी वजह से बहुत से लोग स्वरोजगार करना छोड़ देते हैं.

• उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में सरकार ने रोजगार उपलब्ध कराने के लिए कोई महत्वपूर्ण कार्य नहीं किए हैं. पहाड़ी क्षेत्रों में ना ही कोई इंडस्ट्रीज एरिया है.

• उत्तराखंड के लोगों में सरकारी नौकरी के प्रति ज्यादा झुकाव है. लोग 35 से 40 साल तक की उम्र तक सरकारी नौकरी की तैयारी करते हैं. जिसकी वजह से बेरोजगारों का अनुपात बढ़ते रहता है.

लॉक डाउन होने से बहुत से लोग अपने गांव में वापस लौट गए हैं, जिसकी वजह से अब बेरोजगारी ज्यादा बढ़ गई है. उत्तराखंड सरकार अब स्वरोजगार की तरफ ध्यान दे रही है परंतु देखना यह होगा, कि होगा कि स्वरोजगार कितना कारगर होता है.