मनरेगा पर उत्तराखंड सरकार ने बड़ा फैसला लिया है, जहां पहले मनरेगा के तहत 100 दिनों का रोजगार मिलता था अब उत्तराखंड सरकार ने इसमें 150 दिनों का रोजगार देने की बात कही है।

मनरेगा पर उत्तराखंड सरकार का फैसला

उत्तराखंड मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की अध्यक्षता में राज्य रोजगार गारंटी परिषद की आज सचिवालय में बैठक रखी गई थी। जहां उन्होंने उत्तराखंड में मनरेगा के कार्य दिवसों की बढ़ोतरी की बात कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि मनरेगा में 100 दिनों की जगह 150 दिनों तक का रोजगार मिलेगा। इसके लिए राज्य फंड से धनराशि उपलब्ध कराई जाएगी। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों से मनरेगा के कार्य सुधार हेतु आपस में अनुभवों को साझा करने को कहा, साथ ही जिलों में मनरेगा के तहत होने वाले कार्यो की जिला स्तर पर 15 दिनों में समीक्षा की जाए।

बैठक में निर्णय लिया गया कि मनरेगा के तहत राज्य योजना एवं जिला योजना के तहत ऐसे कार्य जो मनरेगा के तहत आसानी से किया जाए, उनको पहली प्राथमिकता दी जाए। जिससे कि राज्य और जिला योजना की धनराशि अन्य मद में सदुपयोग किया जा सके।

बैठक में बताया गया कि उत्तराखंड में 12.19 लाख जॉब कार्ड में से 67.19% सक्रिय जॉब कार्ड धारक है, तथा 58.69% सक्रिय श्रमिक है। जॉब कार्ड धारकों में महिलाओं की संख्या अधिक है। राज्य में 53.65% जॉब कार्ड धारक महिलाएं हैं। बीते साल में राज्य में 266000 जॉब कार्ड धारकों की संख्या बढ़ी है।

राष्ट्रीय स्तर पर दूसरा स्थान

राष्ट्रीय स्तर पर मनरेगा का भुगतान तथा जॉब कार्ड सत्यापन में राज्य का दूसरा स्थान है। प्रदेश में न्यूनतम अकुशल मजदूरी प्रतिदिन ₹201 है। वित्तीय वर्ष 2020-2021 में अनुमोदित बजट का 80% धनराशि अवमुक्त की जा चुकी है।

जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने के लिए आदेश

मुख्यमंत्री ने जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने हेतु अधिकारियों को सुनियोजित तरीके से कार्य करने और जिन जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने का कार्य प्रगति पर है, उनकी जीआईएस मैपिंग करने के निर्देश दिए हैं।

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