जिला पंचायत अध्यक्ष दीपक बिजल्वाण पर चल सही जांच रिपोर्ट को हाईकोर्ट द्वारा समाप्त किया गया था, वह सोशल मीडिया पर जांच रिपोर्ट वायरल हो रही है। जांच रिपोर्ट वायरल होने को लेकर दीपक बिजल्वाण ने बुधवार शाम को उत्तरकाशी पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर जिला पंचायत की छवि को धूमिल करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है।

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जांच रिपोर्ट वायरल होने पर पुलिस अधीक्षक को लिखा पत्र

अध्यक्ष दीपक बिजल्वाण ने जिला पंचायत की छवि बिगाड़ने और अपनी छवि बिगाड़ने को लेकर बुधवार शाम को उत्तरकाशी पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर कठोर कार्रवाई करने की मांग की है।

दीपक बिजल्वाण द्वारा लिखे पत्र में कहा गया कि गढ़वाल कमिश्नर द्वारा 10 नवंबर को जिला पंचायत की जांच कराई गई थी, उसे हाईकोर्ट नैनीताल द्वारा समाप्त कर दिया था। फिर यह जांच रिपोर्ट सोशल मीडिया पर कैसे वायरल हो गई। इस बात को लेकर उन्होंने इसके पीछे गंभीर साजिश बताई।

अध्यक्ष दीपक ने कहा कहा कि कुछ लोगों द्वारा जिला पंचायत उत्तरकाशी की छवि को धूमिल करने का प्रयास किया गया व अमान्य दस्तावेज सोशल मीडिया पर वायरल किया गया, जबकि वह दस्तावेज उस जांच के थे, जिसे उच्च न्यायालय ने गलत मान खारिज किया था और सरकार द्वारा भी इसे न्यायालय में वापस ले लिया गया, लेकिन जनता को गुमराह करने के लिए ऐसी भ्रामक खबर को कुछ लोगों द्वारा सोशल मीडिया में डाला जा रहा था। जिनको लेकर दीपक बिजल्वाण ने रिपोर्टों को वायरल करने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की तहरीर दी है।

जांच रिपोर्ट वायरल होने पर जिला पंचायत अध्यक्ष दीपक बिजल्वाण ने पुलिस अध्यक्ष को लिखा पत्र

दीपक बिजल्वाण ने कहा कि जिन लोगों द्वारा मेरी छवि बिगाड़ने की साज़िश रच रहें हैं उनके खिलाफ माननीय न्यायालय में मानहानि का मुकदमा दर्ज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अमान्य जांच रिपोर्ट को सार्वजनिक करना नियम विरुद्ध है, और हाईकोर्ट की भी अवहेलना है।

जिला पंचायत सदस्य तीन का तीन दिनों से धरना जारी

जिला पंचायत में भ्रष्टाचार को लेकर जिला पंचायत सदस्यों द्वारा बुधवार को लगातार तीसरे दिन धरना जारी रहा, और इसी दौरान जिला अधिकारी के पहले जिला पंचायत जांच रिपोर्ट वायरल हो रही। जिला पंचायत सदस्यों ने वायरल हो रही जांच रिपोर्ट को लेकर बुधवार को भी धरने पर बैठे रहे। इन जांच रिपोर्टों में जिलाधिकारी द्वारा शासन को अवगत कराया गया कि कई योजनाओं का भुगतान होने के बाद भी धरातल पर कार्य नहीं किया गया है।